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सावधान! कहीं आप भी तो नहीं खाते नाश्ते में ब्रेड, पढ़िए बुरी खबर

Tue, 24 May 2016 09:17 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नई दिल्ली
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bread - फोटो : getty
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रोजाना नाश्ते और खाने में हम जिन ब्रेड और बेकरी उत्पादों को बड़े चाव से खाते हैं उनमें कैंसर पैदा करने तत्व मौजूद हैं। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवॉयरमेंट (सीएसई) की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इनमें नामी-गिरामी ब्रेड कंपनियों के भी उत्पाद शामिल हैं।
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सीएसई के मुताबिक ब्रेड निर्माता आटे में पोटेशियम ब्रोमेट या पोटेशियम ऑयोडेट रासायन मिलाते हैं, जबकि यह खतरनाक रासायन मानव सेहत पर प्रतिकूल असर डालते हैं। शोध के मुताबिक यह रासायन कैंसर पैदा करने के लिहाज से 2बी श्रेणी के हैं। इसका मतलब इन रासायनिक तत्वों से मानव में कैंसर होने और थॉयराइड का स्तर बिगड़ने की पूरी संभावना है।

सीएसई की ओर से सोमवार को यह रिपोर्ट जारी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर ब्रेड निर्माण क्षेत्र में इन रासायनों का इस्तेमाल कई देशों में पूरी तरह प्रतिबंधित है जबकि भारत में इन रासायनों पर प्रतिबंध नहीं है। ब्रेड उत्पादों संबंधी यह खुलासा सीएसई की पॉल्यूशन मॉनिटरिंग लैबोरेट्री (पीएमएल) के जरिए किया गया है।
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दिल्ली के प्रचलित फास्ट फूड ब्रेड उत्पादों की जांच

ब्रेड - फोटो : getty images
पीएमएल ने शोध में जांच के लिए 38 ब्रेड कंपनियों के उत्पादों के नमूने पैकेजिंग से पहले एकत्र किए थे। इनमें पाव, बन, रेडी टू ईट बर्गर ब्रेड, रेडी टू ईट पिज्जा ब्रेड जैसे दिल्ली में प्रचलित फास्ट फूड ब्रेड उत्पाद शामिल थे।

दो प्रयोगशालाओं में की गई नमूनों की जांच सीएसई के डिप्टी डायरेक्टर जनरल और पीएमएल लैब के हेड चंद्र भूषण ने कहा कि हमने अपनी प्रयोगशाला की जांच में एकत्र किए गए सभी नमूनों में करीब 84 फीसदी पोटेशियम ब्रोमेट या ऑयोडेट पाया। कुछ नमूनों की दोबारा जांच के लिए एक अन्य लेबोरेट्री का भी सहारा लिया गया।

इसके बाद इन रासायनों के स्तर को लेकर उद्योगों और वैज्ञानिकों से भी बातचीत की गई। जांच के बाद पाया गया कि सभी उत्पादों में यह खतरनाक रासायन मौजूद हैं।

भारत छोड़ दुनिया है पोटेशियम ब्रोमेट के खतरे से आगाह

पीएमएल हेड चंद्रभूषण ने कहा कि 1999 में इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी) ने अपने शोध में यह दावा किया था कि पोटेशियम ब्रोमेट के कारण इंसानों में कैंसर होने का खतरा है। आईएआरसी ने एक अनुसंधान में पाया गया था कि इस रासायन के चलते पशुओं की किडनी में ट्यूमर, थॉयराइड में गड़बड़ी और पेट के ऊपरी भाग में कैंसर जैसी समस्याएं पैदा हुई हैं।

वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन और खाद्य एवं कृषि संगठन की संयुक्त विशेषज्ञ समिति ने 1992 में आटे में पोटेशियम ब्रोमेट का इस्तेमाल अनुचित माना था। यूरोपीय संगठन भी 1990 में इस रासायन पर प्रतिबंध लगा चुका है।

इसके अलावा कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, श्री लंका, ब्राजील, नाइजीरिया, पेरू और कोलंबिया भी इस रासायन के इस्तेमाल के खिलाफ हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार संगठन (कोडेक्स) भी पोटेशियम ब्रोमेट युक्त खाद्य उत्पादों को सेहत के लिए नुकसानदायक और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए अवैध मानता है।

ब्रेड में क्यों मिलाते हैं पोटेशियम ब्रोमेट

ब्रेड मुलायम होने के साथ अच्छी दिखे, इस वजह से पोटेशियम ब्रोमेट आटे में मिलाया जाता है। जब ब्रेड को एक आदर्श तापमान में रखा जाता है तो पोटेशियम ब्रोमेट बदलकर ब्रोमाइड बन जाता है। यह ब्रोमाइड ही सेहत के लिए खतरनाक है। वहीं इंडस्ट्री के सदस्यों का कहना है कि बड़े पैमाने पर पोटेशियम ब्रोमेट का इस्तेमाल किया जाता है।

इसके लिए उन्हें कानूनी इजाजत है। सीएसई की फूड सेफ्टी एंड टॉक्सिक टीम के अमित खुराना ने बताया कि जब ब्रेड या ब्रेड उत्पाद बनाने वाली 12 नामी-गिरामी कंपनियों से इस संबंध में संपर्क किया गया तो उनमें से 6 कंपनियों ने कहा कि वे इस रासायन का इस्तेमाल नहीं करती। सिर्फ एक कंपनी के प्रोडक्ट लेबल में इस रासायन का उल्लेख पाया गया।
 
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फूड एडिटिव की सूची से हटाया जाएगा पोटेशियम ब्रोमेट

जल्द बंद करें इस रासायन का इस्तेमाल : सीएसई  

सीएसई ने कहा है कि ब्रेड हमारे रोजमर्रा के खान-पान में शामिल है। इसका सबसे ज्यादा उपभोग बच्चे करते हैं। पोटेशियम ऑयोडेट के कारण अधिक ब्रेड उपभोग करने वालों को ऑयोडीन की अधिकता जैसी समस्या भी हो सकती है। इसलिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) को इस रासायन के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।

-38 में से 32 नमूनों में मिला रासायन, जिसमें आपके पसंदीदा पिज्जा और ब्रेड भी 
- ला मार्के, ब्रिटानिया, हार्वेस्ट गोल्ड जैसे ब्रांड के 84 फीसदी ब्रेड उत्पादों में खतरनाक रासायन मिला। इनमें बन, पाव, मल्टीग्रेन ब्रेड, सैंडविच ब्रेड, ब्राउन ब्रेड, आटा ब्रेड, व्हाइट ब्रेड शामिल हैं।
- कुल 38 में 32 नमूनों में रासायन मिले। इसकी मात्रा 1.15 से 22.54 पीपीएम (10 लाख में प्रति कण ) थी।
- केएफसी आलू बर्गर, सबवे सब्ज बर्गर, मैक डोनाल्ड मैक आलू टिक्की बर्गर, निरूला चटपटा आलू बर्गर, निरूला चीज टोमेटो ओनियन पिज्जा, पिज्जा हट का मैगरीटा पिज्जा, डॉमिनोज के मैगरीटा पिज्जा में भी पोटिशयम ब्रोमेट पाया गया।

फूड एडिटिव की सूची से हटाया जाएगा पोटेशियम ब्रोमेट

सीएसई की ताजा रिपोर्ट के बाद नींद से जागे फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने कहा है कि वह पोटेशियम ब्रोमेट को फूड एडिटिव (खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले पदार्थों) की सूची से हटाएगा। हालांकि उसने कहा कि वह पोटेशियम आयोडेट के मामले में जांच कर रहा है कि इसका स्वास्थ्य पर क्या असर है।

एफएसएसएआई के सीईओ पवन अग्रवाल ने बताया कि पोटेशियम ब्रोमेट को सूची हटाने का फैसला तो हम पहले ही कर चुके हैं। इसकी अधिसूचना जल्द ही जारी होगी। 
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