मद्रास हाईकोर्ट ने वाहन बीमा से जुड़ा अपना वह आदेश वापस ले लिया है, जिसमें बीमा कंपनियों को एक सितंबर से नए वाहनों का बिक्री के समय ही अगले पांच साल के लिए अगले बंपर से पिछले बंपर तक का बीमा करने के निर्देश दिए गए थे। हाईकोर्ट ने भारतीय बीमा विनियामक व विकास प्राधिकरण (इरडा) और अन्य की तरफ से यह फैसला लागू करना असंभव बताए जाने के बाद इसे वापस लेने का निर्णय लिया है।
हाईकोर्ट के सामने इरडा, जनरल इंश्योरेंस कंपनी (जीआईसी) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मेन्युफेक्चर्स (सियाम) के वकीलों की तरफ से इस फैसले को लागू करने में आने वाली व्यवहारिक दिक्कतें रखी गईं। इसके बाद जस्टिस एस. वैद्यनाथन की पीठ ने सोमवार को अपना पुराना फैसला वापस लेना की घोषणा की। जस्टिस वैद्यनाथन ने कहा, यह अदालत महसूस कर रही है कि इस साल 4 अगस्त को पैराग्राफ संख्या-13 में जारी निर्देश को मौजूदा हालात में लागू करना उपयुक्त नहीं होगा। इसलिए इन निर्देशों को फिलहाल वापस लिया जा रहा है।
हालांकि जज ने यह भी कहा कि मुझे आशा है सांसद इस पहलू पर गौर करेंगे और वाहनों के व्यापक कवरेज से संबंधित अधिनियम में उपयुक्त संशोधन की आवश्यकता की जांच करेंगे ताकि निर्दोष पीड़ितों की रक्षा की जा सके। जज ने कहा, इन निर्देशों के वापस लेने के साथ ही संयुक्त यातायात आयुक्त की तरफ से इन्हें लेकर 31 अगस्त को जारी किया गया सर्कुलर भी रद्द हो गया है।