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अंधविश्वास ने ली जान: भूत भगाने का दावा कर तांत्रिक ने की 14 साल के लड़के की पिटाई; इलाज के दौरान हो गई मौत

Tue, 23 May 2023 08:17 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र में तांत्रिक की पिटाई से एक लड़के की पिटाई का मामला सामने आया है। फिलहाल, मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई है। 
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सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र के सांगली जिले में अंधविश्वास के चक्कर में एक 14 साल के लड़के की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, यहां के कवठे महांकाल में एक तांत्रिक द्वारा भूत भगाने के नाम पर एक 14 साल के लड़के को बुरी तरह पिटा, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। यह घटना 20 मई की बताई जा रही है। पहले तो इस घटना को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन जब अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ताओं ने पुलिस से संपर्क किया तो इसका खुलासा हुआ।

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अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ताओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, जिले के कवठे महांकाल में रहने वाले आर्यन दीपक लांडगे को कई दिनों से बुखार था। काफी इलाज के बावजूद उसे कोई राहत नहीं मिल रही थी। इसके बाद लांगड़े का परिवार उसे पड़ोसी राज्य कर्नाटक के शिरगुर में एक तांत्रिक (जादूगर) अप्पासाहेब कांबले के पास ले गया।

जिसके बाद कांबले ने दावा किया कि लड़के पर एक भूत का साया है। उसे भगाने के लिए लांडगे की पिटाई करनी होगी। इसके बाद तांत्रिक ने उसकी पिटाई कर दी। भीषण पिटाई के कारण लड़के को गंभीर चोटें आईं। जिसके बाद परिजन उसे लेकर शिरगुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर सांगली जिले के मिराज के एक अस्पताल में ले गए जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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इस घटना के बाद जब अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के कार्यकर्ताओं को इसके बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने शिकायत दर्ज कराने के लिए मृतक के परिवारीजनों और तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक जितेंद्र शहाणे से कवठे महांकाल पुलिस स्टेशन में मुलाकात की। 

पुलिस निरीक्षक जितेंद्र शहाणे ने बताया है कि इस मामले की जांच अब कर्नाटक पुलिस करेगी। बता दें कि कर्नाटक में कोई अंधविश्वास विरोधी कानून नहीं है। ऐसे में पुलिस ने तांत्रिक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (लापरवाही से मौत का कारण) के तहत जीरो प्राथमिकी दर्ज की।

बता दें कि जीरो एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) किसी भी पुलिस को एक शिकायत स्वीकार करने और कार्रवाई के लिए उपयुक्त स्टेशन पर अग्रेषित करने की अनुमति देती है।
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