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Bombay High Court: पाक के कलाकारों को भारत में बैन करने की मांग खारिज, 'देशभक्ति' पर हाईकोर्ट की बड़ी टिप्पणी

Thu, 19 Oct 2023 06:54 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

बॉम्बे हाईकोर्ट में पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका खारिज हो गई। अदालत ने एक अहम टिप्पणी में कहा, देशभक्त होने के लिए किसी को विदेश से आए लोगों के प्रति शत्रुतापूर्ण बर्ताव करने की जरूरत नहीं है।
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बंबई उच्च न्यायालय - फोटो : social media
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विस्तार
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बंबई उच्च न्यायालय ने पाकिस्तान के कलाकारों को प्रतिबंधित करने की मांग खारिज कर दी है। हाईकोर्ट में दायर याचिका में अपील की गई थी कि पाकिस्तानी कलाकारों को भारत में प्रदर्शन या काम करने की अनुमति न दी जाए। कलाकारों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका खारिज करते हुए अदालत ने 'देशभक्ति' के इजहार पर भी अहम टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने कहा देशभक्त होने के लिए किसी को विदेश से, विशेषकर पड़ोसी देश से आए लोगों या कलाकारों के प्रति शत्रुतापूर्ण होने की जरूरत नहीं है।
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खुद कलाकार होने का दावा, हाईकोर्ट ने पढ़ाया 'देशभक्ति' का पाठ
गुरुवार को याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा, एक व्यक्ति जो दिल से अच्छा है वह अपने देश में किसी भी ऐसी गतिविधि का स्वागत करेगा जो देश के भीतर और सीमा पार शांति, सद्भाव और शांति को बढ़ावा देती है। न्यायमूर्ति सुनील शुक्रे और न्यायमूर्ति फिरदोश पूनीवाला की खंडपीठ ने 17 अक्तूबर को फैज अनवर कुरैशी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। खबर के अनुसार फैज अनवर कुरैशी एक सिने कार्यकर्ता और कलाकार होने का दावा करता है।

किन लोगों पर प्रतिबंध की मांग, केंद्र को निर्देश देने की अपील
याचिका में केंद्र सरकार को यह निर्देश देने की मांग की गई थी कि किसी भी पाकिस्तानी कलाकार पर, भारतीय नागरिकों, कंपनियों, फर्मों और एसोसिएशनों में काम पर रखने, काम ऑफर करने, उनकी किसी भी सेवा को लेने या किसी भी एसोसिएशन में प्रवेश करने आदि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया जाए। जिन लोगों पर प्रतिबंध की मांग की गई है, इनमें सिने कर्मी, गायक, संगीतकार, गीतकार और तकनीशियन शामिल हैं।
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देशभक्त होने के लिए दुश्मनी जरूरी नहीं
अदालत ने याचिका खारिज कर अपनी टिप्पणी में कहा, सांस्कृतिक सद्भाव, एकता और शांति को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया कदम नहीं है। ये काफी पीछे की तरफ खींचने जैसी मांग है। याचिका में कोई योग्यता नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा, "किसी को यह समझना चाहिए कि देशभक्त होने के लिए, किसी को विदेश खासकर पड़ोसी देश के लोगों के प्रति शत्रुतापूर्ण होने की जरूरत नहीं है।"

सीमा पार शांति, सद्भाव को बढ़ावा देने का जिक्र
अदालत ने 'देशभक्ति' का पाठ पढ़ाते हुए कहा, "एक सच्चा देशभक्त वह व्यक्ति है जो निस्वार्थ है, जो अपने देश के लिए समर्पित है। व्यक्ति देशभक्त तब तक नहीं हो सकता जब तक वह दिल का अच्छा व्यक्ति न हो। जो व्यक्ति दिल का अच्छा है वह अपने देश में किसी भी गतिविधि का स्वागत करेगा जो देश के भीतर और सीमा पार शांति और सद्भाव को बढ़ावा देता है।"

क्रिकेट वर्ल्डकप में पाक के खेलने का जिक्र
बॉम्बे हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आदेश में कहा, कला, संगीत, खेल, संस्कृति, नृत्य आदि ऐसी गतिविधियां हैं जो राष्ट्रीयताओं, संस्कृतियों और राष्ट्रों से ऊपर उठती हैं। वास्तव में इनसे देशों के बीच शांति, एकता और सद्भाव बढ़ता है। कोर्ट ने कहा, भारत में आयोजित होने वाले क्रिकेट विश्व कप 2023 में पाकिस्तान की क्रिकेट टीम हिस्सा ले रही है। ऐसा केवल अनुच्छेद 51 के अनुरूप समग्र शांति और सद्भाव के हित में भारत सरकार की तरफ से उठाए गए सराहनीय और सकारात्मक कदमों के कारण हुआ है। 

पाकिस्तानी कलाकारों को वीजा देने पर रोक लगे
हाईकोर्ट ने कहा, भारत का संविधान अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने का संदेश देता है। याचिकाकर्ता ने पाकिस्तानी कलाकारों को वीजा देने पर रोक लगाने और प्रतिबंध का पालन न करने की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई जैसे अन्य निर्देश भी मांगे।

पाक के कारण भारतीय कलाकारों की नौकरी खतरे में?
इस अजीबो-गरीब मामले में समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार कुरैशी ने अपनी याचिका में कहा था, पाकिस्तान क्रिकेट टीम वर्तमान में भारत में विश्व कप मैच खेल रही है। ऐसी आशंका है कि लोग पाकिस्तानी गायकों और कलाकारों को आमंत्रित करने के लिए वर्ल्डकप का दुरुपयोग कर सकते हैं। इससे भारतीय कलाकारों की नौकरी के अवसर खतरे में पड़ जाएंगे। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट को याचिकाकर्ता की देशभक्ति की आशंका और विचार में कोई दम नहीं दिखता। अदालतें सरकार को कानून या नीति बनाने का निर्देश देने वाला आदेश पारित नहीं कर सकती हैं।
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