जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 19 मई को रामबन में एक सुरंग की खुदाई के दौरान हुए हादसे में मारे गए बंगाल के पांच मजदूरों में दो के शवों को जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी में उनके गांव लाया गया। अब तक सुरंग ढहने की घटना में 10 लोगों शव बरामद कर लिए गए हैं, मरने वालों में स्थानीय मजदूर भी थे।
जादव रॉय (22) और गौतम रॉय (23) दोनों का शव गांव लाया गया, यहां उनके रिश्तेदार और दोस्तों ने श्रद्धांजलि दी। शवों के आते ही गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। वहीं लोगों की बढ़ती भीड़ के बीच दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। बता दें कि जाधव रॉय, गौतम रॉय, सुधीर रॉय, दीपक रॉय और परिमल रॉय बंगाल के थे।
वहीं स्थानीय भाजपा सांसद डॉ जयंत रॉय मृतक के परिजनों से मिले और हरसंभव मदद का वादा किया। भाजपा सांसद डॉ जयंत रॉय ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनों को अभी तीन लाख रुपये और बाद में 15 लाख रुपये मिलेंगे और वह सुनिश्चित करेंगे कि मुआवजे की पूरी राशि उन तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि ये दोनों युवक बहुत ही गरीब आर्थिक पृष्ठभूमि से थे और उन्हें नौकरी की तलाश में दूर जम्मू जाना पड़ा। उनके माता-पिता सदमे में हैं। आगे उन्होंने कहा कि सुरंग गिरने की खबर मिलने के बाद मैं जम्मू प्रशासन के संपर्क में था। मालूम हो कि वीरवार रात 10.15 बजे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बनी टी-3 सुरंग की ऑडिट टनल के ऊपर का पहाड़ दरक गया था।
कंपनी देगी 15-15 लाख
रामबन हादसे में मारे गए मजदूरों के परिवारों को 16-16 लाख रुपये दिए जाएंगे। रामबन के उपायुक्त मसरत इस्लाम के अनुसार उप राज्यपाल के निर्देश पर मृतकों के परिवारों को निर्माण कंपनी की ओर से 15-15 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा उप राज्यपाल की ओर से एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है।