पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस ने 27 जनवरी को ईडी की छापेमारी में ‘बाधा डालने’ और ‘सबूतों को नष्ट करने’ के आरोप में मूलचंदानी और उनके परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किए जाने के बाद इस संबंध में संघीय एजेंसी का बयान आया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को बताया कि महाराष्ट्र स्थित सेवा विकास सहकारी बैंक के निदेशक मंडल ने इसके पूर्व अध्यक्ष अमर मूलचंदानी के नेतृत्व में सभी बैंकिंग मानदंडों का ‘उल्लंघन’ कर बैंक को चपत लगाई। इन लोगों ने मुखौटा कंपनियों को जानबूझकर कर्ज मंजूर किया और सरकारी पैसे को ठिकाने लगाया।
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पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस ने 27 जनवरी को ईडी की छापेमारी में ‘बाधा डालने’ और ‘सबूतों को नष्ट करने’ के आरोप में मूलचंदानी और उनके परिवार के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किए जाने के बाद इस संबंध में संघीय एजेंसी का बयान आया है। ईडी ने तलाशी के दौरान 2.72 करोड़ रुपये के सोने और हीरे के आभूषण, लगभग 41 लाख रुपये नकद, चार महंगी कारें, डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं।
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि सहकारी बैंक के कामकाज की पड़ताल से यह पता चला है कि 429.6 करोड़ रुपये मूल्य के फंड का दुरुपयोग और धांधली की गई है। इस काम में मूलचंदानी की अगुवाई वाला निदेशक मंडल शामिल रहा है।