पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने बीएमआईसी प्रोजेक्ट को लेकर कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिस समझौते को कभी वित्त विभाग की मंजूरी मिली थी, उसी पर आज उन्हें सुप्रीम कोर्ट में लड़ने को मजबूर किया जा रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी (एस) के वरिष्ठ नेता एचडी देवेगौड़ा ने बंगलूरू मैसूर इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर (बीएमआईसी) प्रोजेक्ट को लेकर कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार पर तीखा हमला बोला है। 92 वर्षीय नेता ने इस बात पर गहरा दुख जताया कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें सुप्रीम कोर्ट में इस विवादित प्रोजेक्ट को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर किया गया है।
विज्ञापन
देवेगौड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में याद दिलाया कि जब इस प्रोजेक्ट का समझौता हुआ था, तब वह खुद मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया वित्त मंत्री थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वित्त विभाग ने ही इस समझौते को मंजूरी दी थी तो आज उन्हें कानूनी पचड़ों में क्यों घसीटा जा रहा है? पूर्व प्रधानमंत्री ने सरकार द्वारा वकीलों पर किए जा रहे भारी खर्च और अतिरिक्त कानूनी सलाहकारों की नियुक्ति पर भी तंज कसा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए केवल केंद्र पर आरोप मढ़ने का काम कर रही है। देवेगौड़ा ने स्पष्ट किया कि भले ही वह उम्रदराज हैं, लेकिन उनमें संघर्ष करने का जज्बा अब भी बरकरार है। उन्होंने घोषणा की कि जेडी(एस) जनवरी के अंत में विभिन्न सम्मेलनों के जरिए राज्य सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाएगी।