भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत व अमेरिका के बीच रिश्ते मजबूत करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने मुलाकात के बाद ट्वीट कर कहा कि भारत के साथ सामरिक साझेदारी मजबूत करने की राष्ट्रपति जो बाइडन की वचनबद्धता का वह स्वागत करते हैं।
पीएम मोदी ने ट्वीट किया 'आज अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मिलकर बहुत खुशी हुई। भारत-अमेरिकी सामरिक साझेदारी को लेकर राष्ट्रपति बाइडन की मजबूत प्रतिबद्धता का मैं स्वागत करता हूं। यह साझेदारी हमारे साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को आकार देती है और वैश्विक भलाई के लिए एक ताकत भी है।'
बता दें, अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन मंगलवार शाम भारत पहुंचे। पीएम मोदी से मुलाकात के पहले उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिकी साझेदारी भारत-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता व समृद्धि के लिए अहम साबित होगी। यह दुनिया को बताएगी कि कैसे लोकतंत्र अपने लोगों की भलाई के लिए काम कर सकता है।
ब्लिंकन ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ साझा प्रेस कांफ्रेंस को भी संबोधित किया। अमेरिकी विदेश मंत्री ने इसमें कहा कि भारत व अमेरिका जैसे प्रगाढ़ रिश्ते विश्व के कुछेक देशों के बीच ही हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बाइडन निजी रूप से चाहते हैं कि भारत-अमेरिका के रिश्ते जितने मजबूत हो सकते हों, उतने मजबूत होना चाहिए।
ब्लिंकन ने कहा, भारत में वापस आकर खुशी हो रही हैं। मैं यहां 40 साल पहले अपने परिवार के साथ आया था। उन्होंने कहा कि कोविड-19 ने दोनों देशों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। महामारी की शुरुआत में भारत की ओर से जो मदद हमें मिली उसे हम कृतज्ञता के साथ याद करते हैं। मुझे गर्व है कि हम भारत की मदद कर सके। अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकन ने कहा कि हम इस जानलेवा महामारी को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, हमने अफगानिस्तान समेत क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका और भारत शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान चाहते हैं। क्षेत्र में एक मजबूत भागीदार के तौर पर भारत अफगानिस्तान में विकास और स्थायित्व सुनिश्चित करने में अपना अहम योगदान देता रहा है और देता रहेगा। हम अफगानिस्तान में लोकतांत्रिक स्थिरता लाने के लिए और वहां के लोगों के हित के लिए हम काम करना जारी रखेंगे।
ब्लिंकन ने कहा कि हमने अफगानिस्तान से अपने सैनिक वापस बुला लिए हैं लेकिन हम वहां से जुड़े रहेंगे। वहां हमारा न केवल मजबूत दूतावास है बल्कि ऐसे कई महत्वपूर्ण प्रोग्राम हैं जो विकास और सुरक्षा सहायता के जरिए इस देश के विकास में मदद करते हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान में चल रहे हिंसक संघर्ष के समाधान के लिए दोनों पक्षों को एक साथ लाने के लिए काम करने की कूटनीति पर लगातार काम कर रहे हैं।