केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मणिपुर में शांति स्थापित करने को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य में सक्रिय सभी भूमिगत समूहों से वार्ता शुरू की जाएगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मणिपुर में सभी तस्करी गतिविधियों को रोका जाएगा और दावा किया कि अगले पांच साल में राज्य को 'नशा मुक्त' बनाया जाएगा।
थोबाल जिले के हिरोक में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, 'हमने असम ओर त्रिपुरा में ऐसा करके दिखाया है, जहां 9,500 युवा हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हुए।' उन्होंने कहा, ' कोई भी युवा जेल नहीं जाएगा, किसी के हाथ में हथियार नहीं रहेगा बल्कि वे सभी मुख्यधारा से जुड़ेंगे और राष्ट्र के विकास में योगदान देंगे।' पिछले हफ्ते राज्य में विपक्षी दल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को एक उग्रवादी समूह (कुकी राष्ट्रीय संगठन) द्वारा सत्तारूढ़ भाजपा के समर्थन में बयान जारी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि सबसे पुरानी पार्टी मणिपुर में सत्ता में रहने के दौरान मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराने में नाकाम रही थी, जहां पूर्व में दिनभर में केवल पांच से छह घंटे के लिए बिजली आती थी। केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से मणिपुर के सभी गांवों तक बिजली उपलब्ध करायी गई और 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने विभिन्न समुदायों में तनाव पैदा करके राज्य का विभाजन कर दिया था जबकि भाजपा राज्य की संस्कृति और पहचान का बेहद सम्मान करती है। शाह ने रैली के दौरान मणिपुर के विकास के संबंध में कई वादे भी किए। मणिपुर में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत पांच मार्च को मतदान होगा।
विपक्ष ने शाह पर लगाया आरोप, कहा- निष्पक्ष मतदान नहीं हुआ
कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन कुकी द्वारा जारी एक बयान को तैयार करने का मंगलवार को आरोप लगाया जिसमें मणिपुर के लोगों से भारतीय जनता पार्टी के लिए वोट देने को कहा गया है। कांग्रेस ने दो जिलों में फिर से मतदान कराने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि 28 फरवरी को हुए विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान स्वतंत्र एवं निष्पक्ष नहीं हुआ। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के वरिष्ठ पर्यवेक्षक जयराम रमेश ने दावा किया कि मतदान के दौरान कांगपोक्पी और चुराचांदपुर जिलों से हिंसा की छिटपुट घटनाएं कुकी नेशनल ऑर्गेनाइजेशंस (केएनओ) के बयान के असर का परिणाम थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह ने तैयार किया और केएनओ के नाम से जारी किया।’’ रमेश ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम मुख्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से यह संज्ञान लेने का अनुरोध करते हैं कि केएनओ ने भाजपा के लिए वोट न करने वाले सभी लोगों को धमकी दी थी जिसके कारण चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से नहीं हुए।’’