कश्मीर के हालात पर केंद्र सरकार की आलोचना करने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी घिरते नजर आ रहे हैं। भाजपा ने सोमवार को कहा कि कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जहां पूरा देश जश्न मना रहा है। वहीं कुछ नेता इसपर आलोचना कर अपने ही पार्टी के अंदर अलग-थलग पड़ गए हैं।
सोमवार को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा कश्मीर के हालात को लेकर लगातार भाजपा पर हमला करने के सवाल पर कहा कि, कुछ लोगों का काम बारहों महीने मुसीबत पैदा करना होता है और राहुल गांधी उनका नेता बनना चाहते हैं। ऐसे में भाजपा उनके प्रति सहानुभूति रखने के अलावा और कुछ नहीं कर सकती है।
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प्रधान ने कांग्रेस नेताओं का उदाहरण देते हुए कहा कि, कश्मीर मुद्दे पर कांग्रेस के ही कई नेता पार्टी लाइन से हटकर सरकार के फैसले का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के सवाल पर कहा कि, जम्मू-कश्मीर अब केंद्र शासित प्रदेश है वहां विधानसभा चुनाव परिसीमन तय होने के बाद होंगे। इसी के साथ अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षण भी उनके क्षेत्र के आधार पर तय किए जाएंगे।
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बता दें कि, इससे पहले जब राहुल गांधी ने कश्मीर जाने की कोशिश की थी तो उन्हें श्रीनगर हवाई अड्डे पर ही रोक लिया और काफी हंगामे के बाद सभी को वापस दिल्ली लौटा दिया गया था। श्रीनगर से दिल्ली लौटते ही राहुल गांधी ने हवाई अड्डे पर मीडिया से बात करते हुए कहा था कि कुछ दिन पहले मुझे राज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर की यात्रा के लिए आमंत्रित किया था। मैंने निमंत्रण स्वीकार कर लिया। हम यह जानना चाहते थे कि वहां मौजूद लोग किस स्थिति से गुजर रहे हैं, लेकिन हमें हवाई अड्डे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। हमारे साथ प्रेस के लोगों को गुमराह किया और पीटा गया। इससे स्पष्ट है कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य नहीं है। इस वक्त विपक्ष और प्रेस एक कठोर प्रशासन और घाटी के लोग क्रूर शक्ति का सामना कर रहे हैं।