दो हफ्ते बाद सोमवार को नियंत्रण रेखा के आर-पार चलने वाली पुंछ-रावलाकोट बस सेवा बहाल हो गई। जिसमें सवार होकर 46 भारत एवं पीओके के नागरिक चक्कां दा बाग के राह-ए- मिलन के रास्ते आर-पार हुए।
इनमें पीओके के रहने वाले 40 वह नागरिक थे जो पुंछ एवं राजौरी जिलों में बसने वाले रिश्तेदारों के पास एक महीना रहने के बाद घर लौटे। जबकि उस पार से 6 भारतीय नागरिक पीओके में रिश्तेदारों से मिलने के बाद वतन लौटे। इस अवसर पर भारी बारिश के बीच सुबह नौ बजे बड़ी संख्या में लोग पीओके जाने वाले रिश्तेदारों को विदा करने के लिए स्थानीय स्पोर्ट स्टेडियम में मौजूद थे।
मालूम हो कि पिछले सप्ताह पीओके प्रशासन की तरफ से पुंछ के चक्कां दा बाग का राह-ए-मिलन गेट न खोले जाने के कारण पुंछ-रावलाकेट बस सेवा नहीं चल पाई थी। जबकि उससे पहले ईद की छुटटी के कारण बस सेवा बंद रही थी। ऐसे में सोमवार को दो हफ्ते के बाद बस सेवा बहल होने से नियंत्रण रेखा के आर-पार अपने रिश्तेदारों के पास फंसे लोगों ने राहत की सांस ली।
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बीमारी के बावजूद दो हफ्ते अधिक भारत में रहने को मजबूर फतेह मोहम्मद का कहना था कि आज पाकिस्तानी हुक्मरान गेट खोल दें और हम वतन पहुंच जाएं बस हम पर इतनी मेहरबानी हो जाए। वहीं अपने एक महीने का परमिट समाप्त होने से दस दिन पहले ही अपने घर लौटे नियाज अहमद का कहना है कि हम बड़ी आशा से पीओके के मीरपुर में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए पहली बार उस पार गए, लेकिन यहां अनुच्छेद 370 हटने के बाद बस सेवा बंद हो जाने के बाद हम वहां परेशान हो गए थे और दस दिन पहले ही लौट आए।
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बस के भविष्य पर असमंजस
पुंछ-रावलकोट बस सेवा के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर जिला विकास आयुक्त पुंछ, राहुल यादव का कहना है कि हमारे जो छह लोग उस पार थे वह सब आज वतन लौट आए हैं। पीओके के 42 में से 40 नागरिक वतन लौट गए हैं। न तो उस पार से कोई नया नागरिक इस पार आया है और न ही इस पार से कोई नया नागरिक उस पार गया है। ऐसे में पुंछ-रावलकोट बस सेवा जारी रहेगी या नहीं यह आने वाला समय बताएगा।