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शुभ साबित नहीं हो रहा भाजपा का नया मुख्यालय, वास्तुशास्त्रियों ने दी बदलने की सलाह

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BJP New Office
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लोकसभा उपचुनावों में हार से घबराई भाजपा ने अब 2019 के चुनावों देखते हुए वास्तुशास्त्रियों की मदद ली है। भाजपा को नया दफ्तर सुहा नहीं रहा है। वास्तुशास्त्रियों ने भाजपा को सुझाया है कि आगामी लोकसभा चुनावों से संबंधित सभी गतिविधियां नए कार्यालय की बजाय पुराने अशोक रोड स्थित पुराने कार्यालय से ही की जाएं। जिसके बाद पार्टी ने फैसला किया है कि वह पुराने दफ्तर से ही टिकट वितरण जैसी गतिविधियों को अंजाम देगी। 

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पार्टी सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चुनाव से संबंधित सभी रणनीतियां जैसे टिकट वितरण, प्रत्याशियों का चयन जैसे काम पुराने 11, अशोक रोड स्थित दफ्तर से किए जाएं। सूत्रों ने बताया कि पार्टी ने पुराने दफ्तर से ही न केवल कई राज्यों में सत्ता हासिल की, बल्कि 2014 के लोकसभा चुनावों में भी 283 सीटें जीती थीं। पार्टी ने पुराने दफ्तर को इलेक्शन वॉररूम का रूप दे दिया है। पुराने दफ्तर में पिछले कई दिनों से अंदर की तरफ रंगाई-पुताई और साज-सज्जा का काम चल रहा था।

दरअसल लोकसभा उपचुनावों में पूरा दमखम लगाने के बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के क्षेत्र गोरखपुर, फूलपुर और कैराना में पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। वहीं भाजपा कर्नाटक में सरकार बनाने से मात्र सात सीटों से चूक गई। जिसके बाद पार्टी के उच्च पदाधिकारियों को लगने लगा कि जब से पार्टी ने दील दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित नए मुख्यालय में प्रवेश किया है, तब से पार्टी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है और नया ऑफिस उनके लिए लकी साबित नहीं हो रहा है।

 

सूत्रों का कहना है कि नए ऑफिस में शिफ्ट करने के बाद से ही पार्टी को लगातार अवरोधों का सामना करना पड़ रहा था। जिसके बाद पार्टी ने एक नहीं तीन-तीन वास्तुशास्त्रियों से परामर्श किया और उन्होंने नए दफ्तर में वास्तु से संबंधित कई खामियां पाईं। उन्होंने पुराने दफ्तर का भी वास्तु के लिहाज से निरीक्षण किया और पाया कि वह पार्टी के हिसाब से पूरी तरह माकूल है।

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सूत्र बताते हैं कि वास्तुशास्त्रियों का कहना था कि नया दफ्तर कॉरपोरेट स्टाइल में है, हवादार न होने से वहां एक घुटन का अहसास होता है। जिससे वहां नकारात्मक ऊर्जा बन रही है, जो पार्टी के फैसलों को प्रभावित करेगी। वहीं पुराने दफ्तर में यह सब समस्या नहीं है। हालांकि भाजपा के मीडिया प्रभारी ऐसे किसी भी फैसले से लगातार इंकार करते रहे हैं और बताया गया कि यह दफ्तर खाली करने के बाद लोकसभा समिति को सौंप दिया गया है। 

वास्तुशास्त्री निकिता ग्रोवर का कहना है कि वास्तु को लेकर आजकल लोग बहुत जागरुक हो गए हैं। उनक पास बड़े से बड़े बिल्डर यहां तक फॉर्म हाउस वाले भी परामर्श के लिए आते हैं। जिसके बाद वे उनके ऑर्किटेक्ट में कुछ बदलाव की सलाह देती हैं और उनकी समस्या काफी हद तक हल हो जाती है। 

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पुराने दफ्तर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हो गई है

BJP office 11 ashoka road
अमर उजाला डॉट कॉम के संवाददाता ने जब पुराने ऑफिस का निरीक्षण किया, तो वहां पाया कि वहां की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अंदर की तरफ कई मोटरसाइकिलें खड़ी हुईं थी। साथ ही पिछले दरवाजे पर बैरिकेडिंग कर दी गई है और अनाधिकृत प्रवेश वर्जित कर दिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि वहां पर सोशल मीडिया प्रोफेशनल्स को काम करने के लिए कहा गया है। दिल्ली और आसपास रहने वाले कुछ कार्यकर्ताओं ने वहां काम करना भी शुरु कर दिया है, जबकि कुछ लोग गुजरात से आने वाले हैं।
 
सूत्रों ने बताया कि नए दफ्तर में कुछ दूसरी भी दिक्कतें हैं, जैसे कि जब वहां पीएम आते हैं, तो दफ्तर के बाहर पूरा ट्रैफिक रोक दिया जाता है और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि आगामी चुनावों के देखते हुए प्रधानमंत्री की गतिविधियों में बढ़ोतरी होनी तय है, क्योंकि कई पॉलिसी संबंधित मामलों में उनके फैसले अहम होते हैं। इस लिहाज से पुराना ऑफिस बिल्कुल मुफीद भी है।  

गौरतलब है कि भाजपा का यह नया दफ्तर दुनिया की किसी भी राजनीतिक पार्टी का सबसे बड़ा कार्यालय है और सभी सुविधाओं से लैस है। इसे बनाने में मात्र 14 महीने का वक्त लगा है। इसी साल फरवरी में ही भाजपा ने अपने नए मुख्यालय में प्रवेश किया था। भाजपा अध्यक्ष का दफ्तर बिल्डिंग के सबसे ऊपर के हिस्से यानी तीसरी मंजिल पर है, दूसरी मंजिल पर पार्टी के दूसरे नेता, महासचिव, सचिव, उपाध्यक्षों की बैठने की व्यवस्था की गई है।
 
मीडिया के लिए ग्राउंड फ्लोर पर एक हॉल बनाया गया है और वक्ताओं के लिए भी अलग-अलग 8 रूम बनाए गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल भी ग्राउंड फ्लोर पर ही बना हुआ है, जिसमें पार्टी की नियमित ब्रीफिंग होती है। पार्टी दफ्तर में दो बेसमेंट पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
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