फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajya Sabha: ‘केंद्रीय योजनाओं को जानबूझकर रोका जा रहा,’ भाजपा सांसद ने पश्चिम बंगाल सरकार पर लगाया आरोप

Wed, 11 Feb 2026 03:16 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

भाजपा राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहाा कि  राज्य सरकार  केंद्रीय सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में जानबूझकर रुकावट डाल रही है। इस कारण जनता आवश्यक लाभों से वंचित हो रहे हैं। 
विज्ञापन
राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य - फोटो : आईएएनएस
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय जनता पार्टी  के राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार  विभिन्न मंत्रालयों के तहत कई केंद्रीय सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में जानबूझकर रुकावट डाल रही है। वह शिक्षा मंत्री से पूरक प्रश्न पूछ रहे थे।

नागरिक आवश्यक लाभों से वंचित हो रहे हैं

राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए भट्टाचार्य ने इस बात पर प्रकाश डाला कि लगभग हर केंद्रीय मंत्रालय की योजनाएं राज्य में बाधाओं का सामना कर रही हैं।  इससे नागरिकों को विशेष रूप से आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को आवश्यक लाभों से वंचित होना पड़ रहा है। शिक्षा मंत्रालय से तीखा सवाल करते हुए भट्टाचार्य ने पश्चिम बंगाल की विद्यांजलि योजना में भागीदारी की तुलना अन्य राज्यों से की।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें- लोकसभा: एपस्टीन फाइल्स, ट्रंप की धौंस से लेकर अमेरिका के दबदबे तक... राहुल गांधी ने इन बातों पर सरकार को घेरा

शिक्षा मंत्रालय की एक पहल, विद्यांजलि का उद्देश्य सामुदायिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करके सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को सशक्त बनाना है। पेशेवर व्यक्तियों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, पूर्व छात्रों, गैर सरकारी संगठनों और कॉरपोरेट संस्थाओं सहित स्वयंसेवक, सह-शैक्षिक गतिविधियों और समग्र विद्यालय विकास को बढ़ाने के लिए सेवाएं, संसाधन, सामग्री या सीएसआर सहायता प्रदान करते हैं।

मात्र 55 स्कूलों को ही जोड़ा गया

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि  पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को पूरी तरह से नकार दिया है।  राज्य के लगभग 82,159 सरकारी स्कूलों में से केवल 55 स्कूल ही विद्यांजलि पोर्टल से जुड़े हैं। यह न्यूनतम भागीदारी देशव्यापी स्तर पर किए गए कार्यक्रम के बिल्कुल विपरीत है, जहां अन्य राज्यों के लाखों स्कूलों ने इस कार्यक्रम को अपनाकर स्वयंसेवकों के सहयोग से लाखों छात्रों को लाभ पहुंचाया है।

यह भी पढ़ें- संसद से सड़क तक सियासत: भाजपा का आरोप- राहुल का बयान जहरीला, सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- असंसदीय भाषा का इस्तेमाल

केंद्र- राज्य सरकार में राजनीतिक तनाव 

विज्ञापन

भट्टाचार्य के हस्तक्षेप से भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और तृणमूल कांग्रेस शासित पश्चिम बंगाल सरकार के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव पर प्रकाश पड़ता है, जिसमें विपक्षी नेताओं द्वारा बार-बार यह आरोप लगाया जा रहा है कि राज्य प्रशासन केंद्रीय कल्याण कार्यक्रमों में बाधा डाल रहा है। सांसद ने तर्क दिया कि इस तरह के असहयोग से राज्य के निवासियों को काफी नुकसान हो रहा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास क्षेत्रों में प्रमुख पहलों तक पहुंच प्राप्त करने में असमर्थ हैं।विद्यालयों में प्रत्यक्ष सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए विद्यांजलि कार्यक्रम को अन्य जगहों पर काफी सफलता मिली है, हाल के अपडेट में राष्ट्रीय स्तर पर आठ लाख से अधिक स्कूल इसमें शामिल किए गए हैं और लाखों स्वयंसेवक पंजीकृत हैं।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें