भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर संसद की गरिमा गिराने का आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कभी संसद सत्र लोकतंत्र के सर्वोच्च मानकों का प्रतीक माना जाता था, लेकिन आज राहुल गांधी के व्यवहार, भाषा और शैली ने संसदीय मर्यादा को सबसे निचले स्तर तक पहुंचा दिया है। त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने चेतावनी के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फिर से झूठे आरोप लगाए और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, संसद में बोलने की एक मर्यादा और शालीन भाषा होती है, जिसका पालन हर सदस्य को करना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी को सड़कछाप भाषा और आचरण देखना हो, तो वह संसद में विपक्ष के व्यवहार को देख सकता है। भाजपा नेता ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
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नरवणे की किताब का भी किया जिक्र
इसके साथ ही सुधांशु त्रिवेदी ने जनरल मनोज नरवणे की किताब को लेकर राहुल गांधी के बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पूछ रहे थे कि कौन झूठ बोल रहा है, लेकिन इस मामले में पहले किताब के प्रकाशक और फिर खुद लेखक द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण से साफ हो गया है कि गलत बयान राहुल गांधी ने ही दिया। भाजपा ने राहुल गांधी के बयानों को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि इस तरह की भाषा और आरोप देश की राजनीति और संसद की गरिमा के लिए ठीक नहीं हैं।
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