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Harnath Singh Yadav: 1991 के पूजा स्थल कानून को रद्द करने की मांग, जानें राज्यसभा में क्या बोले भाजपा सांसद

Mon, 05 Feb 2024 05:56 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान पूजा स्थल अधिनियम, 1991 को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि हिंदुओं, सिखों, जैनियों और बौद्धों के धार्मिक अधिकारों को यह कानून प्रभावित करता है
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राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने सोमवार को पूजा स्थल अधिनियम, 1991 को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की मांग की है। आरोप लगाया कि यह कानून संविधान के तहत हिंदुओं, सिखों, जैनियों और बौद्धों के धार्मिक अधिकारों को उल्लंघन करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह कानून देश में सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि पूजा स्थल अधिनियम पूरी तरह से अतार्किक और असंवैधानिक है। यह संविधान के तहत हिंदुओं, सिखों, बौद्धों और जैनियों के धार्मिक अधिकारों को पूरी तरह से छीन लेता है।
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सांप्रदायिक सद्भाव को ठेस पहुंचा रहा यह कानून- हरनाथ सिंह
भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि यह भारत की सांप्रदायिक सद्भाव को हानि पहुंचा रहा है। इसलिए मैं सरकार से देश हित में इस कानून को तुंरत रद्द करने का आग्रह करता हूं। बता दें यह कानून किसी भी पूजा स्थल के रूपांतरण पर रोक लगाता है और किसी भी पूजा स्थल के धार्मिक चरित्र को बनाए रखने का प्रावधान करता है, जैसा कि वह 15 अगस्त 1947 को अस्तित्व में था। भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव की यह मांग वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर और मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मुकदमे से जुड़े चल रहे कानूनी झगड़े की बीच आई है।

यह कई धर्मों के लोगों को प्रभावित करता है- हरनाथ सिंह यादव
हरनाथ सिंह यादव ने कहा कि यह हिंदुओं, सिखों, जैनियों और बौद्धों के धार्मिक अधिकारों को पूरी तरह से प्रभावित करता है। भाजपा सांसद हरनाथ सिंह यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी की भी सराहना की जिसमें उन्होंने कहा था कि जो लोग आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहे, वे पूजा स्थलों के महत्व को नहीं समझ सके। राजनीतिक कारणों उन्होंने अपनी ही संस्कृति पर शर्मिदा होने की प्रवृत्ति बना ली है। 
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