एक पत्र के वायरल होने के बाद भाजपा सांसद की टिप्पणी आई है। इस पत्र में कार्ति चिदंबरम और जॉन ब्रिटास सहित विपक्ष के कई संसद सदस्यों ने डॉ शशि थरूर को संसद के आईटी पैनल के अध्यक्ष के रूप में बनाए रखने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखा था। इस पर हस्ताक्षर करने वालों में भाजपा सांसद अनिल अग्रवाल का नाम भी शामिल है।
भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनिल अग्रवाल ने कांग्रेस नेता शशि थरूर के पक्ष में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखने संबंधी मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया है। भाजपा सांसद ने साफ किया कि उन्होंने ना तो ऐसा कोई पत्र लिखा और ना ही किसी ऐसे पत्र पर हस्ताक्षर किए है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे गए इस पत्र में सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित संसद की स्थायी समिति के अध्यक्ष पद पर कांग्रेस नेता शशि थरूर को बनाए रखने का समर्थन किया था।
विज्ञापन
दरअसल, कुछ दिन पहले द्रमुक सांसद टी सुमति ने पांच सांसदों के नाम वाले पत्र को ट्वीट किया था, जिसमें भाजपा सांसद का भी नाम लिखा था। इसके बाद अग्रवाल ने इन खबरों का खंडन किया है। इस पत्र में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से थरूर को समिति का अध्यक्ष बनाए रखने का अनुरोध किया गया है।
भाजपा सांसद ने राज्यसभा में सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर थरूर के विस्तार के पक्ष में पत्र पर हस्ताक्षर करने की खबरों के बीच अपना रुख स्पष्ट किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि मैंने इस संबंध में मौखिक रूप से लोकसभा अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री को भी अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए जानकारी दी है।
विज्ञापन
एक पत्र के वायरल होने के बाद उनकी यह टिप्पणी आई है। इस पत्र में कार्ति चिदंबरम और जॉन ब्रिटास सहित विपक्ष के कई संसद सदस्यों ने डॉ शशि थरूर को संसद के आईटी पैनल के अध्यक्ष के रूप में बनाए रखने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र लिखा था। इस पर हस्ताक्षर करने वालों में भाजपा सांसद अनिल अग्रवाल का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसदीय स्थायी समितियों का जल्द ही पुनर्गठन किया जाएगा। ऐसे में सरकार कांग्रेस से आईटी पैनल की अध्यक्षता छीन लेगी।