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BJP Mission South: केरल में उतरे मोदी-शाह, 2024 में लोकसभा की 20 सीटों पर है नजर

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Fri, 02 Sep 2022 06:57 PM IST

सार

BJP Mission South: 'मिशन 2024' के अंतर्गत केरल की 20 लोकसभा सीटों पर भाजपा की नजर है। गत विधानसभा चुनाव में भाजपा का खाता नहीं खुल सका था। पार्टी के पास जो एक सीट थी, उसे भी नहीं बचा सकी। पार्टी ने अब केरल में ईसाइयों और मुस्लिमों को साधने की कवायद शुरू की है...
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BJP Mission South: PM Modi worships at Sri Adi Shankara Janma Bhoomi Kshetram, in Kochi, Kerela - फोटो : Agency


पीएम मोदी ने कहा, बीते आठ वर्ष में केंद्र सरकार ने मेट्रो को अर्बन ट्रांसपोर्ट का सबसे प्रमुख साधन बनाने की दिशा में लगातार काम किया है। मेट्रो को देश की राजधानी से निकालकर, उसे राज्य के दूसरे बड़े शहरों में भी विस्तार दिया है। गत आठ वर्षों में मेट्रो का 500 किमी से ज्यादा का नया रूट तैयार हुआ है, जबकि एक हजार किमी से अधिक के मेट्रो रूट पर काम चल रहा है। उन्होंने कहा, तेज विकास और युवाओं की आकांक्षाओं की राह में सबसे बड़ा रोड़ा भ्रष्टाचार का है। मैंने 15 अगस्त को कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का समय आ गया है, लेकिन हम यह भी देख रहे हैं कि जैसे-जैसे भ्रष्टाचारियों पर एक्शन हो रहा है तो देश की राजनीति में नया पोलराइजेशन भी शुरू हो गया है। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए कुछ राजनीतिक दल खुलकर सामने आ गए हैं। वे संगठित होने का प्रयास कर रहे हैं। देश और केरल के लोगों को इनसे लगातार सतर्क रहना है।

मुस्लिमों और ईसाइयों को साधने की रणनीति

केरल की राजनीति में जगह बनाने का प्रयास कर रही भाजपा, इस बार दोहरे मोर्चे पर काम रही है। विकास को आगे किया जा रहा है, लेकिन उसके साथ ही मुस्लिमों और ईसाइयों को भी साधने की रणनीति बनाई गई है। केरल में चार दशक से सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला 'एलडीएफ' और कांग्रेस नेतृत्व वाली 'यूडीएफ' एक-एक कार्यकाल के लिए सत्ता में आते थे। इस बार वह परंपरा टूट गई है। ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि 'एलडीएफ' गठबंधन ने लगातार दूसरी बार चुनाव जीता है। कांग्रेस और भाजपा, इन दोनों की कमजोरी का सीपीआई (एम) ने भरपूर फायदा उठाया और सत्ता हासिल की। गत वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में एलडीएफ ने 140 में से 87 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी। भाजपा ने इस चुनाव में कम से कम 35 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था, लेकिन पार्टी अपनी एकमात्र 'नेमोम' सीट भी नहीं बचा सकी। पार्टी ने 'मेट्रोमैन' ई श्रीधरन को अपने सीएम फेस के तौर पर चुनाव मैदान में उतार दिया था।



जानकारों का कहना है कि चुनाव से पहले भाजपा द्वारा केरल में आरिफ मोहम्मद खान को राज्यपाल बनाने का निर्णय, पार्टी की विशेष रणनीति में शामिल रहा था। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं, जबकि शशि थरूर, तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से चुने गए हैं। केरल की बीस लोकसभा सीटों पर भाजपा का खाता नहीं खुल सका है। यहां सीपीएम का एक सांसद है। कांग्रेस पार्टी का 15 लोकसभा सीटों पर कब्जा है। आईयूएमएल के दो सांसद और आरएसपी व केसीएम का एक-एक लोकसभा सांसद है। पीएम मोदी ने कहा, भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर जो काम चल रहा है, उसमें केरल के परिश्रमी लोगों की बहुत बड़ी भूमिका है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र पर चलते हुए भाजपा सरकार बड़े संकल्पों को सिद्धि में बदल रही है। केरल के हर गांव में तेज इंटरनेट हो, इसके लिए उनकी सरकार लगातार काम कर रही है। यहां की हर ग्राम पंचायत को ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जा चुका है।

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