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यूपी, उत्तराखंड में बाकी बची सीटों को लेकर भाजपा की अहम बैठक आज

Tue, 17 Jan 2017 05:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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 यूपी, उत्तराखंड की बाकी बची सीटों पर उम्मीदवारों का नाम तय करने के लिए भाजपा के केंद्रीय चुनाव समिति की आज मैराथन बैठक होगी। चुनाव समिति की मैराथन बैठक से पहले भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने प्रदेश के नेताओं संग सहयोगी दलों को दी जाने वाली सीटों की संख्या पर मंत्रणा की है।
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बताया जा रहा है कि कुर्मी मतों को एकमुश्त अपने पाले में खींचने के लिए भाजपा अपने सहयोगी दलों को करीब 21 सीटें दे सकती है। अनुप्रिया पटेल की अपना दल को 10 तो कृष्णा पटेल की अगुवाई वाले अपना दल को तीन, ओम प्रकाश राजभर की सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी को सात और धनंजय सिंह को जौनपुर की मलहनी से चुनाव लड़ाने के लिए एक सीट लोकजनशक्ती के लिए छोड़ सकती है।

भाजपा के आज की मंथन मेें कई बडे़ नेताओं के टिकट का निर्णय होना है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह के भाग्य का फैसला होना है। तो लखनऊ और वाराणसी की सीटों पर भी मंथन होना है। यूपी की घोषित 149 उम्मीदवारों के चयन में प्रदेश प्रभारी ओम माथुर और प्रदेश संगठन महामंत्री सुनील बंसल के बीच टसल की भी चर्चाएं हैं। लिस्ट देरी से जारी होने की वजह के रूप में दोनों नेताओं के बीच जारी बर्चस्व की लड़ाई को भी कारण माना जा रहा है।
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इन सीटों पर गुत्थी उलझी

सूत्र बताते हैं कि माथुर अपने कुछ चहेतों के लिए डटे हुए हैं तो बंसल संगठन कार्यकर्ताओं का पक्ष ले रहे हैं। बिजनौर की बडापुर सीट से उम्मीदवार का एलान इसी वजह से सोमवार को नहीं हो सका। इस सीट से माथुर अपने प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले एक नेता की पैरवी कर रहे है। तो बंसल की पैरवी स्थानीय भूपेंद्र सिंह उर्फ बाबी के लिए है। संघ ने भी बाबी का ही नाम आगे बढ़ाया है। वैसे इस सीट पर सांसद सर्वेश सिंह की नजर अपने बेटे के लिए भी है।

वहीं साहिबाबाद की गुत्थी और उलझ गई है। इस सीट पर राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह की नजर थी। तो पूर्व विधायक सुनील शर्मा का नाम भी दौड़ में था। मगर भाजपा ने बसपा विधायक अमर पाल शर्मा को पार्टी में शामिल कराकर इस सीट की उलझन को और बढ़ा दी है।

दिल्ली से सटे नोएडा की सीट पर भी घमासान है। यही वजह है कि केंद्रीय चुनाव समिति में चर्चा के बावजूद पार्टी ने नोएडा से अपने उम्मीदवार के नाम का पत्ता नहीं खोला है। यहां से वर्तमान महिला विधायक और पूर्व विधायक नवाब सिंह नागर के बीच जोर आजमाइस है। उत्तराखंड की बची भीमताल, हल्द्वानी, धर्मपुर, विकासनगर, चकराता और रामनगर के उम्मीदवारों का भी चयन होना है। चकराता में भाजपा को योग्य उम्मीदवार की तलाश है तो शेष पांच सीटों पर आपस में जमकर घमासान है।
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