भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा है कि विपक्ष सदैव उन लोगों के साथ खड़ा क्यों दिखाई देता है, जो अपनी पहचान छिपाने की कोशिश करते हैं। चाहे केरल का मामला हो या पश्चिम बंगाल का, विपक्ष उन्हीं लोगों के साथ खड़ा दिखाई देता है, जो अपना नाम या अपनी पहचान छिपाने का काम करते हैं। उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने अपना नाम लिखने का निर्देश दिया है, जिस पर काफी विवाद हो रहा है। भाजपा नेता इसी विषय पर टिप्पणी कर रहे थे।
भाजपा के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दुकानों के सामने इसके मालिक का नाम लिखने का निर्देश प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाये रखने के लिए लिया गया हो सकता है। इसलिए इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेकिन असली प्रश्न उन लोगों के विषय में खड़ा होता है, जो लोग अपनी पहचान छिपाने वालों के साथ खड़े दिखाई देते हैं। भाजपा नेता ने कहा कि ऐसे लोगों को अपनी मंशा साफ करनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा जारी यह निर्देश कथित तौर पर कावड़ियों की धार्मिक शुद्धता बनाये रखने के लिहाज से लिया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ भाजपा नेताओं और एक मंत्री ने प्रशासन से दुकानदारों की पहचान सुनिश्चित करने का अनुरोध किया था। इसके बाद प्रशासन ने दुकानदारों से अपनी खाने-पीने की दुकानों के सामने इसके मालिकों के नाम लिखने का निर्देश दिया था।
हालांकि, इस निर्देशों के सामने आने के साथ ही विवाद बढ़ गया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे धार्मिक आधार पर लोगों की पहचान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्देश लोगों के बीच भेदभाव बढ़ाने का काम करेंगे। असदुद्दीन ओवैसी सहित कई अन्य विपक्षी दलों ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
स्वयं भाजपा के कई नेताओं ने भी इसे सही नहीं ठहराया और इसे गलत आदेश करार दिया। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे अति उत्साह में उठाया गया कदम बताया। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि दुकानदारों के नाम स्पष्ट रखने के आदेश में कुछ गलत नहीं है। यह प्रशासनिक व्यवस्था को बनाये रखने के लिए लिया गया एक निर्णय है और सबको इसमें सहयोग करना चाहिए।