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Kanwar Yatra: 'पहचान छिपाने की जरूरत क्यों, दुकानदार का नाम लिखना हो अनिवार्य', विहिप ने किया निर्णय का स्वागत

Fri, 19 Jul 2024 09:37 PM IST
शिव शुक्ला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के द्वारा दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम लिखने के निर्णय का स्वागत किया है। संगठन ने कहा है कि यदि किसी की मंशा गलत नहीं है तो किसी को भी अपना नाम छुपाने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
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विश्व हिंदू परिषद (प्रतिकात्मक) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों के द्वारा दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम लिखने के निर्णय का स्वागत किया है। संगठन ने कहा है कि यदि किसी की मंशा गलत नहीं है तो किसी को भी अपना नाम छुपाने की कोई आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। संगठन के अनुसार, कांवड़ यात्रा एक तरह की तपस्या होती है और इस दौरान पवित्रता को बरकरार रखने की पूरी कोशिश की जाती है। ऐसे में यदि उनकी पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम लिखा जाता है तो यह एक अच्छा कदम होगा। संगठन की मांग है कि इस आदेश को केवल कांवड़ यात्रा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे हमेशा के लिए देश के हर पूजा स्थलों और अन्य स्थानों पर लागू किया जाना चाहिए। 

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विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सह संयुक्त सचिव डॉक्टर सुरेंद्र जैन ने अमर उजाला से कहा कि कई बार इस तरह की खबरें आती रही हैं कि हिन्दू पूजास्थलों के आसपास गैर हिंदुओं के द्वारा पूजा सामग्री बेची जाती है। आरोप है कि ऐसे लोगों के द्वारा पवित्रता का ध्यान नहीं रखा जाता। इस दौरान गैर हिंदुओं के द्वारा अपनी दुकानों का नाम हिंदू देवी-देवताओं के नाम पर रखा जाता है। यह सीधे सीधे हिन्दू भक्तों के साथ धोखा और छलावा है। उन्होंने कहा कि हिन्दू भक्तों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए सभी दुकानों के सामने दुकानदारों के असली नाम लिखने का आदेश दिया जाना चाहिए। 

डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि दुकानों के सामने दुकानदारों का नाम लिखने से कई तरह के विवाद नहीं होंगे। यदि दुकानों के सामने वस्तुओं की मूल्य सूची लगी होगी तो दुकानदार किसी से गलत तरीके से अधिक पैसे नहीं वसूल पाएंगे। यह उपभोक्ताओं के हित में उठाया गया कदम है। कांवड़ यात्रा के संदर्भ में भी सरकार के इस कदम से व्यवस्था को बनाये रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ग के लोगों को इस आदेश का स्वागत करना चाहिए और इसे लागू करने में अपना सहयोग देना चाहिए। 
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विहिप नेता ने कहा कि मुसलमान हों या ईसाई, उनके धर्म के पूजा स्थलों पर दूसरे धर्म का कोई भी दुकानदार सामान नहीं बेच सकता। ऐसे में केवल हिंदू धर्म के मंदिरों के सामने ही सबको कुछ भी बेचने का अधिकार क्यों होना चाहिए। विहिप नेता ने मांग की कि इस संदर्भ में उचित कानून बनाकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। गैर भाजपाई दलों के द्वारा इस निर्णय के विरोध पर विहिप नेता ने कहा कि जो लोग सदैव से मुस्लिम तुष्टिकरण करके देश के कानून व्यवस्था को खतरे में डालने का काम करते रहे हैं, वे आज भी अपनी पहचान छिपाने वालों का सहयोग देकर अव्यवस्था पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश को शांत और सुरक्षित रखने के लिए वही निर्णय किये जाने चाहिए जिसमें बिना किसी भेदभाव के सबके लिए एक समान निर्णय लागू किये जाएं। उन्होंने कहा कि यह आदेश किसी के खिलाफ नहीं है, ऐसे में इसका विरोध किसी भी तरह सही नहीं है। 

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