भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल गठबंधन से दूर हुए सहयोगी दल शिवसेना की ओर मंगलवार को हाथ बढ़ाते दिखे। हालांकि मुख्यमंत्री पद पर उन्होंने पहले के रुख को दोहराया और कहा कि भाजपा यह पद किसी क्षेत्रीय पार्टी के साथ साझा नहीं करेगी। गौरतलब है कि पार्टी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को ही पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे महाराष्ट्र में अपने बूते पर सरकार बनाने की कोशिश में जुट जाएं।
पाटिल ने कहा कि राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते भाजपा मुख्यमंत्री का पद किसी क्षेत्रीय पार्टी के साथ साझा नहीं करेगी क्योंकि अगर वह ऐसा करती है तो उसे बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में भी यही फॉर्मूला अपनाना होगा। एक तरह से पार्टी की मजबूरी समझाते हुए पाटिल ने कहा, अगर हम ऐसा करते हैं तो बिहार, हरियाणा और अन्य राज्यों में भी हमें ऐसा ही करना होगा। गौरतलब है कि इन राज्यों में भाजपा क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर सत्ता में है।
महाराष्ट्र भाजपा के प्रमुख पाटिल ने एक मराठी समाचार चैनल से कहा, अगर भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व राज्य इकाई को शिवसेना से गठबंधन करने को कहता है... मैं एक बात स्पष्ट कर दूं कि यदि दोनों पार्टियां साथ आ भी जाती हैं, तो भी हम साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेंगे। हम पांच साल शिवसेना के साथ काफी उदार रहे। 2019 विधानसभा चुनाव के बाद हम मंत्री पद साझा करने को भी तैयार थे। लेकिन राष्ट्रीय दल होने के नाते भाजपा किसी क्षेत्रीय पार्टी के साथ मुख्यमंत्री पद नहीं बांट सकती।
बता दें कि भाजपा और उसकी पुरानी सहयोगी शिवसेना ने 2019 विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था। लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों के बीच मतभेद हुआ और शिवसेना ने गठबंधन का साथ छोड़ दिया। इसके बाद शिवसेना ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी या राकांपा) और कांग्रेस के साथ मिलकर महाविकास अघाड़ी (एमवीए) का गठन किया और इस सरकार के मुख्यमंत्री शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे बने।