सेना के बलिदान का अपमान
भाजपा नेता ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की घोषणा की थी, भाजपा नेताओं या उनके प्रवक्ताओं ने नहीं। जिस तरह से राहुल गांधी ने सशस्त्र बलों की सफलता की तुलना 'आत्मसमर्पण' से की, वह उनके पराक्रम और बलिदान का स्पष्ट अपमान है। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं कि असली आत्मसमर्पण कैसा होता है। दो साल पहले, राहुल गांधी ने सवाल किया था कि यूरोप और अमेरिका में लोकतंत्र के रक्षक चुप क्यों हैं और भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप क्यों नहीं कर रहे हैं। यह आत्मसमर्पण था।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ऐसा बयान दिया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुखों ने भी नहीं बोला। पाकिस्तान के किसी आतंकवादी संगठन ने भी नहीं बोला, मौलाना मसूद आतंकी संगठन ने भी नहीं बोला, सईद ने भी नहीं बोला। किसी ने ये शब्द नहीं बोला है कि भारत ने सरेंडर किया है। राहुल गांधी ने जिस प्रकार से हमारी सेना द्वारा दिखाए गए अप्रतिम शौर्य और सेना के अधिकारियों द्वारा जिस प्रकार से ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का विवरण दिया है, उसकी सरेंडर से तुलना करना, ये दर्शाता है कि इनकी मानसिकता कितनी रोगी और कितनी खतरनाक हो चुकी है।
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निशिकांत दुबे ने भी राहुल को घेरा
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सरेंडर जानते हो राहुल बाबा, सरेंडर इसको कहते हैं। उन्होंने कहा कि आपके नाना यानि आयरन लेडी के पिता नेहरु जी का यह पत्र है जनवरी 1963 का भारत के चीन युद्ध के हारने के बाद का। घिघिया कर नेहरु जी चीन के प्रधानमंत्री को लिखे कि आपने भारत का पूर्व क्षेत्र में 20 हजार किलोमीटर और पश्चिम में 6 हजार किलोमीटर कब्जा कर लिया है। आपने हमारे चार हजार सैनिकों को बंधक बना लिया है, फिर भी हमने श्रीलंका के प्रधानमंत्री को अपना नेता बनाकर आपके पास आत्मसमर्पण के लिए भेजा है, आपके आदेश की प्रतीक्षा में -जवाहरलाल नेहरु।
कांग्रेस पार्टी कभी सरेंडर नहीं होती: राहुल
राहुल गांधी ने मंगलवार को मध्य प्रदेश में पार्टी सम्मेलन के दौरान कहा था कि भारत-पाकिस्तान के सैन्य संघर्ष के समय प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन कॉल के बाद समर्पण कर दिया था। भाजपा और आरएसएस पर जरा सा दबाव पड़ता है और ये पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा था कि भारत ने 1971 में अमेरिका की धमकी के बावजूद पाकिस्तान को तोड़ा था। उन्होंने कहा कि 1971 की लड़ाई में इंदिरा गांधी को जो करना था वो उन्होंने किया। कांग्रेस पार्टी सरेंडर नहीं होती है। गांधी जी, जवाहर लाल नेहरू और सरदार पटेल सरेंडर करने वाले लोग नहीं थे। ये सुपर पॉवर से लड़ने वाले लोग थे।