कर्नाटक के पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमार स्वामी ने कहा कि कर्नाटक में भाजपा और जद एस मिलकर NDA सरकार बनाएगी। इसके लिए वह दोनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे। उनकी पार्टी का एक बार फिर से कांग्रेस से हाथ मिलाने का कोई सवाल ही नहीं है।
मुदा घोटाले के खिलाफ निकाली जा रही मैसूर पदयात्रा के दौरान एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा और जदएस के कार्यकर्ता मिलकर काम करें। मेरे लिए मुख्यमंत्री कौन बनेगा यह महत्वपूर्ण नहीं है। आप सबके आशीर्वाद से मैं दो बार कर्नाटक का सीएम रहा। कर्नाटक और यहां के लोगों का विकास मेरे लिए जरूरी है। मैं आने वाले दिनों में आपके लिए काम करूंगा। मेरा लक्ष्य भाजपा-जद(एस) गठबंधन सरकार को वापस लाना है। जो हर परिवार के कल्याण की देखभाल करेगी।
कांग्रेस के साथ 14 महीने तक सरकार चलाने के अनुभव को लेकर कुमार स्वामी ने कहा कि अब मेरा कांग्रेस में जाने का कोई सवाल ही नहीं है। मैं मुख्यमंत्री बनने नहीं आया था। वो तो आप लोगों ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया। लेकिन मैनें पैसा लूटने की कोशिश नहीं की। बल्कि किसानों का 25 हजार करोड़ का कर्ज माफ किया।
कुमार स्वामी बोले कि मैनें येदयुरप्पा के साथ विश्वासघात नहीं किसा। कुछ लोगों के कारण यह स्थिति पैदा हुई। मैं नहीं भूल सकता कि भाजपा के कार्यकर्ता और जद (एस) ने मुझे पाला-पोसा है। भाजपा और जद (एस) के बीच गठबंधन ने कांग्रेस नेताओं की नींद उड़ा दी है।
सीएम सिद्धारमैया पर विपक्ष ने साधा निशाना, मुदा घोटाले के खिलाफ पदयात्रा के बीच भाजपा ने बोला हमला
कर्नाटक में हुए कथित मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण साइट आवंटन (मुदा) घोटाले के खिलाफ भाजपा और जद एस की पदयात्रा रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान यात्रा में शामिल भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर हमला बोला।
रविवार को पदयात्रा बिदादी से शुरू हुई। इसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी वाई विजयेंद्र, जद (एस) के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी, विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावधी नारायणस्वामी, जद (एस) नेता निखिल कुमारस्वामी समेत दोनों दलों के कई विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने कांग्रेस सरकार और सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ नारे लगाए।
शनिवार को मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती सहित भूमि खोने वालों को साइटों के कथित फर्जी आवंटन के खिलाफ और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा ने मैसूर चलो पदयात्रा शुरू की थी। पहले दिन यात्रा केंगेरी से शुरू होकर 16 किमी की दूरी तय करके बिदादी तक पहुंची थी। रविवार को यात्रा का समापन बिदादी से 22 किमी दूर केंगल में होगा।
क्या है मामला
सीएम सिद्धारमैया की पत्नी को मैसूर के एक महंगे इलाके में मुआवजा देने के लिए जगह आवंटित की गई थी, जिसकी संपत्ति का मूल्य उनकी उस जमीन की तुलना में अधिक था जिसे मुदा ने अधिग्रहित किया था। बता दें कि मुदा ने सीएम सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ जमीन के बदले 50:50 अनुपात योजना के तहत प्लॉट आवंटित किए थे, जहां मुदा ने आवासीय खाका बनाया था। विवादास्पद योजना में खाका बनाने के लिए अधिग्रहित अविकसित भूमि के बदले में भूमि खोने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।