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Revanth Reddy: अपने DNA वाले बयान पर घिरे रेड्डी, भाजपा का सवाल- क्या अब भी नीतीश बने रहेंगे कांग्रेस के साथ

अमित शर्मा
Updated Wed, 06 Dec 2023 12:44 PM IST

सार

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आज छह दिसंबर को दिल्ली में बुलाई गई बैठक केवल इसलिए स्थगित करनी पड़ी क्योंकि सहयोगी दलों ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।
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तेलंगाना कांग्रेस के अध्यक्ष रेवंत रेड्डी - फोटो : ANI


इंडिया गठबंधन का संकट और बढ़ गया

रेवंत रेड्डी का यह बयान इस संदर्भ में बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है कि कांग्रेस नेताओं के द्वारा इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेताओं के लिए कथित रूप से अभद्र बयानबाजी के कारण इंडिया गठबंधन का संकट और बढ़ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा आज छह दिसंबर को दिल्ली में बुलाई गई बैठक केवल इसलिए स्थगित करनी पड़ी क्योंकि सहयोगी दलों ने इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया।


इन लोगों ने किया किनारा 

इसका मूल कारण मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता कमलनाथ की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए विधानसभा चुनाव के दौरान अभद्र बयानबाजी को भी माना जाता है। कमलनाथ के बयान से नाराज अखिलेश यादव ने खुद इंडिया गठबंधन की इस बैठक में आने से इनकार कर दिया। उनके साथ-साथ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी बैठक में आने से इनकार कर दिया। अंततः यह बैठक स्थगित करनी पड़ी। लेकिन इसे लेकर यहां तक कहा जा रहा है कि अब इंडिया गठबंधन का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है।


हिंदू धर्म सनातन का अपमान किया

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने अमर उजाला से कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की अनेक नेताओं ने लगातार हिंदू धर्म सनातन, हिंदी और बिहार, बिहारी का अपमान किया है। डीएमके सांसद के द्वारा हिंदू धर्म पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में अभी तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कोई जवाब नहीं दिया है इसी बीच उनके तेलंगाना के नॉमिनेटेड मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बिहार और कुर्मी जाति का अपमान किया है


उन्होंने कहा कि वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव से यह पूछना चाहते हैं कि बिहार और बिहारी का अपमान करने वाले ऐसी पार्टी और ऐसे नेताओं से वे अपना संबंध कब तक जारी रखेंगे। आखिर उन्हें ऐसी क्या मजबूरी है जिसके कारण उन्हें एक ऐसी पार्टी से गठबंधन करना पड़ रहा है जो लगातार हिंदी, हिंदी भाषण और सनातन धर्म के लोगों का अपमान कर रही है।


लोकसभा चुनाव में नुकसान होने की आशंका

महागठबंधन और नीतीश-लालू समीकरण के कारण भाजपा को बिहार में इस बार लोकसभा चुनाव में नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। भाजपा के पास आज भी लालू प्रसाद यादव के MY समीकरण और नीतीश कुमार के पिछड़ी कुर्मी जातियों पर पकड़ का कोई जवाब नहीं है। इस कारण लोकसभा चुनाव में भाजपा को कुछ नुकसान भी हो सकता है। लेकिन जिस तरह रेवंत रेड्डी ने कथित तौर पर बिहार और कुर्मियों का अपमान किया है, यह तय हो गया है कि जातिगत राजनीति की प्रमुखता वाले प्रदेश बिहार में भाजपा इसे बड़ा मुद्दा बनाएगी। इससे नीतीश कुमार और लालू को नुकसान हो सकता है। वहीं भाजपा इस मुद्दे पर फ्रंट फुट पर आकर खेल सकती है। उसे इसका लाभ यूपी सहित पूरी हिंदी पट्टी में मिल सकता है।

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