भारत में पहली बार कृत्रिम गर्भाधान (आईवीएफ) की तकनीक की मदद से भैंस ने बछड़े को जन्म दिया है। यह भैंस बन्नी नस्ल की है। पहला आईवीएफ बछड़ा बन्नी नस्ल की भैंस के छह बार आईवीएफ गर्भाधान के बाद पैदा हुआ। वैज्ञानिकों ने विनय एल. वाला के गुजरात के सोमनाथ जिले के धनेज स्थित सुशीला एग्रो फार्म्स की बन्नी नस्ल की तीन भैंसों को गर्भाधान के लिए तैयार किया गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि इस तकनीक के जरिये भैंस के बच्चे का जन्म कराए जाने का उद्देश्य आनुवांशिक तौर पर अच्छी मानी जाने वाली इन भैंसों की संख्या बढ़ाना है ताकि दुग्ध उत्पादन भी बढ़ सके। बन्नी भैंस शुष्क वातावरण में भी अधिक दुग्ध उत्पादन की क्षमता के लिए जानी जाती हैं।
केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय ने इसे इस प्रजाति की किसी भैंस द्वारा ‘इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ)’ के जरिये जन्म देने का पहला मामला बताया है। यह बन्नी भैंस गिर सोमनाथ के धानेज गांव के एक डेयरी किसान की है।
मंत्रालय ने ट्वीट किया, देश में भैंसों की बन्नी नाम की प्रजाति के आईवीएफ के जरिये पहले बच्चे के जन्म की अच्छी खबर देते हुए प्रसन्नता हो रही है। सुशीला एग्रो फार्म्स के किसान विनय एल वाला के यहां छह बन्नी भैंसें आईवीएफ तकनीक से गर्भवती हुईं, उनमें से यह पहली भैंस है जिसने बच्चे को जन्म दिया। भैंस के बच्चे का जन्म शुक्रवार सुबह हुआ और अगले कुछ दिन में और भी बच्चों का जन्म होगा।