दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि बर्ड फ्लू की दहशत के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में जीवित पक्षियों के आयात पर रोक लगा दी गई है तथा गाजीपुर कुक्कुट बाजार अगले 10 दिन तक बंद रहेगा। यह उल्लेख करते हुए कि दिल्ली में अभी तक एवियन इन्फ्लुएंजा या बर्ड फ्लू का कोई पुष्ट मामला नहीं है, केजरीवाल ने कहा कि नमूने जालंधर स्थित प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली में अब तक बर्ड फ्लू का कोई पुष्ट मामला नहीं है। हमने लगभग 104 नमूने जालंधर स्थित प्रयोगशाला भेजे हैं जिनकी रिपोर्ट सोमवार तक आएगी। दिल्ली सरकार रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक निर्णय करेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जीवित पक्षियों का आयात प्रतिबंधित किया जा रहा है। गाजीपुर कुक्कुट बाजार अगले 10 दिन तक बंद रहेगा।
पूर्वी दिल्ली की संजय झील में शनिवार को 10 बत्तख मरे हुए पाए गए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। इससे एक दिन पहले मयूर विहार फेस-3 में 17 कौवे मृत मिले थे। अधिकारी ने कहा कि झील को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
पशुपालन विभाग के डॉक्टर राकेश सिंह ने बताया कि हमें संजय झील में 10 बत्तख मृत मिले हैं, जिनके नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। दिल्ली में बीते कुछ दिनों में 35 कौवों समेत कम से कम 50 पक्षी मर चुके हैं, जिससे बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है।
सिंह ने इससे पहले कहा था कि हमें द्वारका, मयूर विहार फेस-3 और हस्तसाल विलेज में कौवों के मरने की खबर मिली थी। हालांकि अभी यह पता लगाया जा रहा है कि उनके मरने का कारण बर्ड फ्लू था या कुछ और। उन्होंने कहा कि पहली जांच रिपोर्ट सोमवार को आ जाएगी।
महाराष्ट्र के परभणी जिले के मुरुम्बा गांव स्थित पॉलिट्री फार्म में 900 मुर्गियों की मौत हो गई है। परभणी के जिलाधिकारी दीपक मुलगीकर ने बताया कि मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए नमूनों को जांच के लिए भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि दो दिनों में मराठवाड़ा इलाके के मुरुम्बा गांव में 900 मुर्गियां मरी हैं। जिस पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों की मौत हुई है उसे स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) चलाता है। इस पोल्ट्री फार्म में करीब आठ हजार मुर्गियां हैं। 900 मुर्गियों की मौत दो दिनों में हुई है।
पिछले 24 घंटे में एक भी मुर्गी की मौत दर्ज नहीं की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि प्रथमदृष्टया मुर्गियों की मौत की वजह भोजन से संबंधित लगती है लेकिन जांच नतीजों का इंतजार है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान सहित कई राज्यों में बर्ड फ्लू फैलने के मद्देनजर शनिवार को लोगों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बर्डफ्लू के रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।
गहलोत ने ट्वीट किया कि प्रवासी पक्षियों से आए एच5एन1 व एच5एन8 वायरस के कारण राजस्थान समेत कई राज्यों में बर्डफ्लू फैल रहा है, जिससे पक्षियों की मौत हो रही है। बर्ड फ्लू पक्षियों से इंसानों में फैल सकता है, इसलिए आमजन को भी सावधान रहने की आवश्यकता है।
गहलोत के अनुसार राज्य सरकार ने इसकी रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि पक्षीपालक बिना पीपीई किट पहने अपने पक्षियों के बीच ना जाएं, किसी भी पक्षी की मृत्यु होने पर पशुपालन विभाग के नियंत्रण कक्ष को दें।
इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि पक्षियों को दाना डालने वाले लोग भी सावधानी बरतें और पक्षियों के पास ना जाएं। उल्लेखनीय है कि राज्या में बर्डफ्लू से अब तक 2,166 से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है।
कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने शनिवार को कहा कि राज्य में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है और अब तक किए गए सभी परीक्षणों के परिणाम नकारात्मक पाए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि कोविड-19 के टीके जल्द ही राज्य में आने की उम्मीद है और केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ये टीके लगाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि बर्ड फ्लू के बारे में परीक्षण किया गया है, अब तक सभी परीक्षण रिपोर्ट नकारात्मक मिले हैं। बता दें कि केरल के दो जिलों में बर्ड फ्लू की सूचना मिलने के बाद राज्य पहले से ही अलर्ट पर है। साथ ही केरल की सीमा से सटे दक्षिण कन्नड़ में भी छह कौवे मृत पाए गए और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
पशुपालन मंत्री प्रभु चौहान ने भी शुक्रवार को कहा था कि कर्नाटक में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है और अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। पड़ोसी राज्य केरल में अलप्पुझा और कोट्टायम जिलों के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू की सूचना मिली है, जिसके बाद अधिकारियों ने वहां बत्तख और मुर्गी सहित पक्षियों को मारना शुरू कर दिया है।
गुजरात में बर्ड फ्लू के पहले मामले की पुष्टि के बाद राज्य के जूनागढ़ जिले की मंग्रोल तालुका स्थित एक गांव में चार कौवों के मृत मिलने से इस बीमारी को लेकर दहशत और बढ़ गई है। राज्य में शुक्रवार को बर्ड फ्लू के पहले मामले की तब पुष्टि हुई जब दो मृत टिटहरियों में से एक के नमूने में संबंधित विषाणु का संक्रमण पाया गया।
जूनागढ़ के मंग्रोल पशु चिकित्सा औषधालय के अधिकारी अशोक कुंभानी ने कहा कि हमें शुक्रवार की शाम लोएज गांव में चार कौवे मृत मिले। उनकी मृत्यु का कारण जानने के लिए नमूने भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि संबंधित क्षेत्र में मिले 10 पक्षियों में से चार मृत थे और छह अन्य का उपचार चल रहा है।
उन्होंने कहा कि विभाग इस क्षेत्र का सर्वेक्षण कर रहा है और जांच जारी है। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सूरत और मेहसाणा जिलों में मृत मिले चार कौवों के नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। गुजरात सरकार ने बर्ड फ्लू के बारे में पांच जनवरी को अलर्ट जारी किया था और अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया था।