केंद्र सरकार ने अवैध ढंग से और प्रतिबंधित हथियार रखने पर सजा बढ़ाने और करीब छह दशक पुराने शस्त्र अधिनियम में संशोधन के लिए शुक्रवार को लोकसभा में एक बिल पेश किया। इस विधेयक के तहत एक व्यक्ति को सिर्फ दो हथियार रखने की मंजूरी होगी, अभी तीन हथियार रखने की अनुमति होती है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने बिल पेश करते हुए सदन को बताया कि सरकार शस्त्र अधिनियम 1959 की धारा 25 (1 एए) में संशोधन का प्रस्ताव देती है। इसके तहत प्रतिबंधित हथियारों को बनाने, बेंचने, इनकी मरम्मत करने या इन्हें अपने पास रखने पर दोषी को 14 वर्ष की सामान्य उम्रकैद से पूरे जीवन के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान होगा।
संशोधन के बाद इस अधिनियम के तहत न्यूनतम सजा की अवधि 14 वर्ष होगी। वहीं विधेयक के कानून का रूप लेने पर जिनके पास दो से अधिक हथियार होंगे उन्हें डी लाइसेंसिंग के लिए 90 दिनों के भीतर संबंधित विभाग में अतिरिक्त हथियारों को जमा कराना होगा।