राज्यसभा सभापति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को सदन में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मुद्दे पर चिंता व्यक्त की है। शून्यकाल के दौरान सभापति ने सदस्यों से इस मुद्दे पर चर्चा करने और समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करने का अनुरोध किया। उन्होंने सदस्यों से तेजी से पांव पसार रही इस समस्या के समाधान के सामाजिक और कानूनी सम्मत सुझाव देने का आग्रह किया। सभापति ने कहा ऐसा करने से सरकार को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
नायडू ने कहा चाइल्ड पोर्नोग्राफी गंभीर समस्या है। इसके लिए ठोस और प्रभावी कदमों की जरूरत है। अभिभावक विशेषकर माताएं अपने बच्चों के वर्तमान और भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा इस मसले पर चर्चा के लिए अनौपचारिक समिति का गठन किया जाना चाहिए।
सभापति ने सदन से इस मामले में पाटयों की विचारधारा से उठकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने इसके लिए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश और द्रमुक के तिरुचि शिवा समेत सांसदों से आगे बढ़कर इस पर नेतृत्व करने के लिए कहा। गुरुवार को एआईएडीमके की विजिला सथ्यंत ने सदन का ध्यान इस समस्या की ओर आकषत किया था।
इस मुद्दे पर महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने हस्ताक्षेप करते हुए सदन को अवगत कराया था कि मंत्रालय पोर्नोग्राफी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए संकलिप्त है। जिला प्रशासन के साथ ऐसे मामलों में सीधे दंडात्मक प्रक्रिया सुनिश्चित कराई जा रही है। इस क्रम में अब तक ऐसी 377 वेबसाइटों को बंद कराया गया है। 50 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं। ईरानी ने आग्रह किया कि ऐसे मामलों की तुरंत सूचना दी जाए जिससे तुंरत कार्रवाई कराई जा सके।
विजिला सथ्यंत गुजरे कल सदन में ने यौन उत्पीडन की बढ़ रही घटनाओं का हवाला देकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर पूरी तरह से पाबंदी लागाने की मांग की थी। उन्होंने कहा अगर बच्चों को बचाना है तो मोबाइल फोन पर सोशल साइटों चाइल्ड पोर्नोग्राफी की आसान उपलब्धता को खत्म करना चाहिए। इससे देश का भविष्य संकट में है।