नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे फरार अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए लोकसभा ने बृहस्पतिवार को भगोड़ा आर्थिक अपराधी बिल-2018 को पास कर दिया। इस बिल के पारित होने से बैंकों से धोखाधड़ी कर विदेश फरार हो जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना आसान हो जाएगा। वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को बिल को सदन के पटल पर रखा था।
यह विधेयक अप्रैल में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा
बिना अदालती कार्रवाई के जब्त हो सकेगी संपत्ति
इस बिल में प्रावधान है कि अगर कोई घोटाला कर देश से बाहर चला जाता है और वापस नहीं लौटता है तो उसकी संपत्ति बिना अदालती कार्रवाई के जब्त की जा सकती है। हालांकि यह प्रावधान 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले पर ही लागू होगा। बिल के मुताबिक, घोटाला कर भागने वालों की संपत्ति बेचकर सबसे पहले कर्ज देने वाले बैंकों को पैसा लौटाया जाएगा। इस तरह के मामलों की सुनवाई मनी लॉन्ड्रिंग मामले की तरह होगी।
गोयल ने कहा कि बिल को सदन में पेश करने से पहले सरकार अप्रैल में अध्यादेश लेकर आई थी। यह उसके कालाधन और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख को दिखाता है। सरकार की मंशा पर सवाल उठा रही कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आखिर यूपीए सरकार ऐसा बिल क्यों नहीं लाई। विपक्ष ने सरकार से बिल में उन अपराधियों को शामिल करने की मांग की जो पहले ही देश छोड़कर फरार हो चुके हैं। साथ ही बिल को स्थायी समिति को भी भेजने की मांग की, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया। बिल करीब दो घंटे की लंबी बहस हुई।