बिहार में विधानसभा चुनाव का एलान हो गया है। राज्य में दो चरण में 6 और 11 नवंबर को मतदान होगा। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इस बार के चुनाव में 7,41,92,357 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, 2020 में यह आकड़ा 7,36,47,660 था। 2020 के मुकाबले इस बार के चुनाव में 5,44,697 मतदाताओं का इजाफा हुआ है। हालांकि, एसआईआर के बाद राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या में 47,77,487 कमी आई है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज सासाराम विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट मौजूद समय में राजद के राजेश कुमार विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला रोहतास भी है। रोहतास जिला तीन अनुमंडल और 19 ब्लॉक में बंटा है। जिले में सात विधानसभा सीट हैं। इनमें चेनारी (एससी), सासाराम, करगहर, दिनारा, नोखा, डेहरी, काराकाट शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ सीरीज में आज सासाराम विधानसभा सीट की बात करेंगे। सासाराम विधानसभा सीट से 1957 में पहली बार चुनाव हुआ था।
1957: दो विधायकों को जीत मिली
1962: कांग्रेस को जीत मिली
1969: प्रजा सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली
1969 के चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के बिपिन बिहारी सिन्हा ने जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के विनोद बिहारी सिंह को 12,736 वोट से हराया। बिपिन बिहारी सिन्हा को कुल 24,106 वोट मिले। वहीं, विनोद बिहारी सिंह को 11,370 वोट मिले।
1972: हिंदुस्तान शोषित पार्टी को जीत मिली
1972 के चुनाव में सासाराम सीट से हिंदुस्तान शोषित दल के रामसेवक सिंह को जीत मिली। उन्होंने विपिन बिहारी सिंह को 2,173 वोट से हराया। रामसेवक सिंह को कुल 19,573 वोट मिले। वहीं, विपिन बिहारी को कुल 17,400 वोट मिले।
1977: जनता पार्टी को मिली जीत
1990: भाजपा को जीत मिली
2000: राजद को जीत मिली
2000 के चुनाव में सासाराम सीट से राजद के अशोक कुमार को जीत मिली। उन्होंंने दो बार के विधायक और भाजपा उम्मीदवार जवाहर प्रसाद को 13,356 वोट से हराया। अशोक कुमार को कुल 62,673 वोट मिले। वहीं, जवाहर प्रसाद को 49,317 वोट मिले।
2005: भाजपा की वापसी
2015: राजद को मिली जीत
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