ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर हैं। आने वाले दिनों में लोगों को स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने का मौका मिल सकता है। देश में फिलहाल चेयरकार सुविधा वाली वंदे भारत ट्रेन चल रही है जिन्हें शताब्दी के रूट पर चलाया जा रहा है। अब रेलवे की योजना इन ट्रेनों को राजधानी के रूट पर चलाने की है। इसके लिए स्लीपर वंदे भारत ट्रेन तैयार की जा रही है।
चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के जनरल मैनेजर बी जी माल्या का कहना है कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान वंदे का स्लीपर वर्जन लॉन्च किया जाएगा। साथ ही वंदे मेट्रो भी इसी फाइनेंशियल ईयर में लॉन्च की जाएगी। अभी स्लीपर वंदे भारत ट्रेन को बनाया जा रहा है और इसे मार्च, 2024 में लॉन्च किया जाएगा। इसके साथ ही वंदे मेट्रो को भी बनाया जा रहा है। 12 कोच की इस ट्रेन को छोटे रूट पर चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि, पहली वंदे मेट्रो ट्रेन जनवरी, 2024 में आने की उम्मीद है लेकिन यह इसी कैलेंडर ईयर में बनकर तैयार हो जाएगी। नॉन-एयर कंडीशंड पैसेंजरों के लिए यह ट्रेन इसी साल 31 अक्टूबर से पहले लॉन्च हो जाएगी। यह एक नॉन-एसी पुश-पुल ट्रेन है जिसमें 22 कोच और इसके दोनों तरफ एक-एक लोकोमोटिव होगा।
स्लीपर वंदे भारत की यह होगी स्पीड
स्लीपर वंदे भारत को एक कंसोर्टियम बना रहा है। इसमें रेल विकास निगम लिमिटेड और रूस का टीएमएच ग्रुप शामिल है। इस कंसोर्टियम ने 200 में से 120 स्लीपर वंदे भारत चलाने के लिए सबसे कम बोली लगाई थी। बाकी 80 ट्रेनें की सप्लाई टीटागढ़ वैगन्स और बीएचईएल का कंसोर्टियम सप्लाई करेगा।
आरवीएनएल के जीएम (मैकेनिकल) आलोक कुमार मिश्रा ने अगस्त में कहा था कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे होगी। इसमें 16 कोच होंगे जिनमें 11 एसी 3, चार एसी2 और एक एसी1 कोच होगा। उनका कहना था कि कोच की संख्या 20 या 24 की जा सकती है।
गौरतलब है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2018 को लाल किले से दिए भाषण में 75 वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू किए जाने का ऐलान किया था। हालांकि पहली वंदे भारत ट्रेन 15 फरवरी 2019 को शुरू हो गई थी। अब तक 25 वंदे भारत ट्रेनें चलाई जा चुकी हैं।