केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने द्विपक्षीय सहयोग के माध्यम से प्रौद्योगिकी, जल, चक्रीय अर्थव्यवस्था, वानिकी के क्षेत्रों में जर्मनी के प्रयासों को स्वीकार किया और उनकी सराहना की।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने जर्मनी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सर्कुलर इकोनॉमी, एकल इस्तेमाल प्लास्टिक, वन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन से निपटने पर विस्तार से चर्चा की। यादव ने जर्मन प्रतिनिधिमंडल के सवालों के जवाब में पीएम नरेंद्र मोदी के शुरू किए गए मिशन लाइफ के महत्व पर जोर दिया। यादव ने बताया कि राल्फ ब्रिंकहॉस के नेतृत्व में एक जर्मन-भारतीय संसदीय समूह का प्रतिनिधिमंडल भारत आया है।
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बैठक में जर्मन प्रतिनिधिमंडल ने वनों पर जलवायु परिवर्तन के असर, अफ्रीका में त्रिपक्षीय सहयोग का पर्यावारण और जलवायु पर पड़ने वाले प्रभाव, सर्कुलर इकोनॉमी, प्लास्टिक के विकल्प का मुद्दा उठाया। इसके अलावा इन मुद्दों में दोनों देश कैसे द्विपक्षीय सहयोग बढ़ा सकते हैं इस पर भी चर्चा हुई। उन्होंने प्लास्टिक कचरे से निपटने के लिए भारत के उठाए गए विभिन्न कदमों, प्लास्टिक के विकल्प, लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और जंगलों, वन सर्वेक्षण और कृषि-वानिकी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, मिशन लाइफ से वैश्विक जन आंदोलन होने की उम्मीद है जो पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक कार्रवाई को प्रेरित करेगा।
भूपेंद यादव ने की जर्मनी के प्रयासों की सराहना : यादव ने द्विपक्षीय सहयोग के माध्यम से प्रौद्योगिकी, जल, चक्रीय अर्थव्यवस्था, वानिकी के क्षेत्रों में जर्मनी के प्रयासों को स्वीकार किया और उनकी सराहना की। अफ्रीका में त्रिपक्षीय सहयोग के सवाल पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा, ऊर्जा मंत्रालय पहले से ही अफ्रीका में विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहा है। त्रिपक्षीय सहयोग के लिए, पहले विदेश मंत्रालय से परामर्श करना होगा।