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बीएचयू: दिग्विजय के पहुंचने से पहले छोड़े गए गिरफ्तार छात्र, अनशन रहा स्थगित

Fri, 27 May 2016 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
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बीएचयू परिसर से बुधवार की देर रात गिरफ्तार किए गए 14 छात्रों को पूरी रात कैंट थाने में रखा गया। उनसे पूछताछ में पता चला कि दो छात्रों की गुरुवार की सुबह परीक्षा है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस कस्टडी में दोनों छात्रों को गुरुवार की सुबह सेमेस्टर परीक्षा के लिए भेजा गया। इस बीच, गिरफ्तार छात्रों से मिलने के लिए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के भी कैंट थाने जाने की सूचना मिली लेकिन उनके पहुंचने के पहले ही छात्रों को पुलिस लाइन से निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
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कैंट थाने में पुलिस हिरासत में रखे गए छात्रों से मिलने वालों का सिलसिला गुरुवार की सुबह से ही शुरू हो गया। बीएचयू और अन्य विश्वविद्यालयों के विभिन्न छात्र संगठनों से जुड़े छात्र थाने पहुंचे। कुछ देर बाद कांग्रेस नेता भी पहुंचने लगे। इसी बीच, पुलिस को पता चला कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह छात्रों से मिलने कैंट थाने पहुंच सकते हैं। आनन-फानन में सीओ कैं ट राजकुमार यादव गिरफ्तार किए गए सभी छात्रों को थाने से पुलिस लाइन ले गए और दोपहर करीब 12 बजे शांति भंग में चालान कर उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।

72 घंटे के लिए अनशन स्थगित करने की घोषणा
18 मई से साइबर लाइब्रेरी 24 घंटे खोलने सहित अन्य छात्र सुविधाओं के लिए अनशन पर बैठे छात्रों ने गुरुवार को नौवें दिन अपना अनशन स्थगित कर दिया। शाम करीब सात बजे प्रो. चौथीराम यादव की पहल पर छात्रों ने 72 घंटे के लिए अनशन स्थगित करने की घोषणा की। बुधवार की देर रात गिरफ्तारी के बाद भी उन्होंने अनशन जारी रखा था। लंबे समय से अनशन के चलते छात्रों की तबीयत बिगड़ गई थी। दोपहर में रिहाई के बाद 14 में 13 छात्रों को बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बता दें कि अनशन पर बैठे 14 छात्रों को बुधवार की रात करीब साढ़े 12 बजे पुलिस फोर्स ने हिरासत में ले लिया था। इनमें दो छात्र आर्य भारत और गौरव की गुरुवार की सुबह परीक्षा थी। उन्होंने पुलिस कस्टडी में अपनी सेमेस्टर परीक्षा दी। बाकी छात्रों को दोपहर बाद निजी मुचलके पर रिहा किया गया। अनशन पर रहने की वजह से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। उन्हें सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में कुल 13 छात्र भर्ती हैं। देर शाम अस्पताल आए प्रो. चौथीराम यादव के अनुरोध पर छात्रों ने जूस पीकर अपना अनशन स्थगित किया। अस्पताल में भर्ती छात्रों में विकास सिंह, अविनाश, शांतनु, प्रियेश, अतुल, गौरव, आर्य भारत, सिद्धांत, रजत, रोशन, विनय, दीपक और आकाश हैं। उधर, पूरे घटनाक्रम के मद्देनजर बीएचयू परिसर में सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद कर दी गई थी। सिंह द्वार ही नहीं परिसर में भी एहतियातन फोर्स तैनात थी। छात्र अधिष्ठाता कार्यालय जहां आंदोलनकारी छात्र पिछले आठ दिनों से अनशन पर बैठे थे, वहां ताला लगा दिया गया था। साथ ही, बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी वहां मुस्तैद थे।
 
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नौवें दिन छात्रों का अनशन स्थगित

सिंह द्वार से संसदीय कार्यालय तक निकाला मार्च
अनशन पर बैठे छात्रों की गिरफ्तारी और निलंबन के विरोध में गुरुवार को कई छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। एनएसयूआई और साझा संस्कृति मंच की ओर से शाम पांच बजे सिंह द्वार से प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक प्रतिरोध मार्च निकाला गया। विश्वविद्यालय और प्रशासन की कार्रवाई को ज्यादती करार देते हुए कुलपति से इस्तीफे की मांग की। आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में आए आप कार्यकर्ताओं, महिला कार्यकर्ताओं को उनकी ही शह पर पीटा गया। प्रतिरोध मार्च में साहित्यकार प्रो. चौथीराम यादव, प्रो. राकेश सिन्हा, प्रो. सोमनाथ त्रिपाठी, डॉ. एमपी सिंह, सुनील कश्यप, चिंतामणि सेठ, जागृति राही, रामजी पांडेय, श्वेतांक, दिवाकर, एकता, धनंजय पांडेय, हेमंत, आरती, विनय आदि शामिल रहे।

24 घंटे साइबर लाइब्रेरी की मांग जायज
बीएचयू में छात्र सुविधाओं के लिए आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी गुरुवार को बनारस में थे। जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष सुचेता डे ने लंका स्थित एक वाटिका में प्रेसवार्ता में कहा कि 24 घंटे लाइब्रेरी की मांग बिल्कुल जायज है। यह छात्रों का अधिकार है और कोई उनसे यह अधिकार छीन नहीं सकता। पूर्व उपाध्यक्ष अनंत ने कहा कि छात्रों की जायज मांग पर उनका दमन किया जा रहा है। यह संघी मानसिकता और तानाशाही देश भर विश्वविद्यालयों के छात्र झेल रहे हैं। काउंसलर श्वेता राज ने बताया कि हम बीएचयू के छात्रों का समर्थन करते हैं। जल्द ही जेएनयू छात्रसंघ के कई पदाधिकारी छात्रों के समर्थन में यहां आएंगे। जरूरत पड़ी तो देश भर में आंदोलन किया जाएगा।
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