फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न: सातवें डिप्टी PM रहे, राम मंदिर के लिए की रथ यात्रा; 2015 में मिला पद्म विभूषण

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 03 Feb 2024 12:00 PM IST

सार

वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले 2015 नें उन्हें भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था। आइए जानते हैं लालकृष्ण आडवाणी का पूरा सफर...
विज्ञापन
विज्ञापन
लालकृष्ण आडवाणी - फोटो : Amar Ujala
वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से नवाजा जाएगा। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जानकारी दी। आडवाणी देश के सातवें उप-प्रधानमंत्री रह चुके हैं। आइये जानते हैं उनके बारे में...

विज्ञापन

लालकृष्ण आडवाणी - फोटो : Amar Ujala
वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न से नवाजा जाएगा। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जानकारी दी। आडवाणी देश के सातवें उप-प्रधानमंत्री रह चुके हैं। आइये जानते हैं उनके बारे में...

पाकिस्तान के कराची में जन्म
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम किशनचंद आडवाणी और मां का नाम ज्ञानी देवी है। उनके पिता पेशे से एक उद्यमी थे। शुरुआती शिक्षा उन्होंने कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल से ग्रहण की थी। इसके बाद वह हैदराबाद, सिंध के डीजी नेशनल स्कूल में दाखिला लिया।

विभाजन के समय मुंबई आ गए
1947 में आडवाणी देश के आजाद होने का जश्न भी नहीं मना सके क्योंकि आजादी के महज कुछ घंटों में ही उन्हें अपने घर को छोड़कर भारत रवाना होना पड़ा। विभाजन के समय उनका परिवार पाकिस्तान छोड़कर मुंबई आकर बस गया। यहां उन्होंने लॉ कॉलेज ऑफ द बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। उनकी पत्नी का नाम कमला आडवाणी है। उनके बेटे का नाम जयंत आडवाणी और बेटी का नाम प्रतिभा आडवाणी है।

लालकृष्ण आडवाणी - फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा समय तक भाजपा में अध्यक्ष रहे
आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जरिए अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। कई वर्षों तक आडवाणी राजस्थान में आरएसएस प्रचारक के काम में लगे रहे। वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नींव रखी थी।

1980 से 1990 के बीच आडवाणी ने भाजपा को एक राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनाने के लिए काम किया। लालकृष्ण आडवाणी तीन बार (1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005) भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। 1984 में महज दो सीटें हासिल करने वाली पार्टी को अगले लोकसभा चुनावों में 86 सीटें मिलीं। पार्टी की स्थिति 1992 में 121 सीटों और 1996 में 161 पर पहुंच गई। आजादी के बाद पहली बार कांग्रेस सत्ता से बाहर थी और भाजपा सबसे अधिक संख्या वाली पार्टी बनकर उभरी थी। 

 

अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी - फोटो : संवाद
अटल सरकार में उप-प्रधानमंत्री
वह 1998 से 2004 के बीच भाजपा के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) में गृहमंत्री रह चुके हैं। लालकृष्ण आडवाणी 2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारत के सातवें उप प्रधानमंत्री का पद संभाल चुके हैं। 10वीं और 14वीं लोकसभा के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता की भूमिका बखूबी निभाई है। 2015 नें उन्हें भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।




 

लालकृष्ण आडवाणी की रथ यात्रा में नरेंद्र मोदी। - फोटो : narendramodi.in
राम मंदिर निर्माण के लिए राम रथ यात्रा
1980 की शुरुआत में विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में राम जन्मभूमि के स्थान पर मंदिर निर्माण के लिए आंदोलन की शुरुआत करने लगी। उधर आडवाणी के नेतृत्व में भाजपा राम मंदिर आंदोलन का चेहरा बन गई। आडवाणी ने 25 सितंबर, 1990 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर सोमनाथ से राम रथ यात्रा शुरू की थी।

लालकृष्ण आडवाणी - फोटो : सोशल मीडिया
आडवाणी के बारे में 10 खास बातें:
  • आडवाणी ने कराची में स्कूल सेंट पैट्रिक हाईस्कूल में पढ़ाई की है।
  • 1947 में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सचिव बने थे।
  • 1970 में पहली बार आडवाणी राज्यसभा के सांसद बने थे। 
  • आडवाणी एक फिल्म समीक्षक रह चुके हैं। उन्हें चॉकलेट, फिल्मों और क्रिकेट का बहुत शौक है।
  • 1944 में उन्होंने कराची के मॉडल हाईस्कूल में एक अध्यापक के तौर पर नौकरी की थी।
  • आडवाणी ने एक किताब लिखी है जिसका नाम- माई कंट्री, माई लाइफ है। 
  • सभी को चौंकाते हुए 2013 में उन्होंने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। 
  • 1980 में भारतीय जनता पार्टी बनने के बाद से उन्होंने सबसे ज्यादा समय तक पार्टी के अध्यक्ष का पद संभाला था।
  • आडवाणी अभी तक आधा दर्जन से ज्यादा रथ यात्राएं निकाल चुके हैं। जिनमें 'राम रथ यात्रा', 'जनादेश यात्रा', 'स्वर्ण जयंती रथ यात्रा', 'भारत उदय यात्रा' और 'भारत सुरक्षा यात्रा' 'जनचेतना यात्रा' प्रमुख हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next