नीतीश कुमार बोले- केंद्र का निर्णय सही
वहीं, सीएम नीतीश कुमार ने भी केंद्र के इस निर्णय की सहारना की। उन्होंने कहा कि केंद्र का यह निर्णय सही है। जेडीयू की सालों पुरानी मांग पूरी हुई है। इस निर्णय से दलितों, वंचितों और पिछड़ों को खुशी होगी। ये सम्मान सकारात्मक भाव पैदा होगा।
अखिलेश बोले- पीडीए की एकता फलीभूत हो रही
वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने एक्स पर ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को मरणोपरांत घोषित भारत रत्न दरअसल 'सामाजिक न्याय' के आंदोलन की जीत है, जो दर्शाती है कि सामाजिक न्याय व आरक्षण के परंपरागत विरोधियों को भी मन मारकर अब पीडीए के 90% लोगों की एकजुटता के आगे झुकना पड़ रहा है। पीडीए की एकता फलीभूत हो रही है।'
'कर्पूरी ठाकुर जी ने आजीवन समाज के गरीब एवं पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए काम किया'- राजनाथ सिंह
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस सम्मान के लिए केंद्र सरकार और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सराहमा की है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा, 'बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय के जनक माने जाने वाले, जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत सरकार द्वारा 'भारत रत्न' से सम्मानित किए जाने के निर्णय की मैं भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए हर्ष की अभिव्यक्ति करता हूं। कर्पूरी ठाकुर जी ने आजीवन समाज के गरीब एवं पिछड़े वर्ग के कल्याण के लिए काम किया। उनसे ही प्रेरणा लेते हुए मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अति पिछड़ा और अति दलित वर्ग के कल्याण के लिए आरक्षण की सुविधा देने का कानून बनाया था। कर्पूरीजी को भारत रत्न देने का निर्णय सामाजिक समरसता एवं गरीब कल्याण के विचार का और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान का सम्मान है। इस निर्णय के लिए मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को धन्यवाद देता हूं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।'
'वह सही मायने में थे हकदार'
कर्पूरी ठाकुर के निजी सचिव रहने के बाद पत्रकारिता में आए बिहार के वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र किशोर ने कहा- "वह सही मायने में इसके हकदार थे। आज उनके नाम पर जातिगत गोलबंदी भले हो रही हो, वह ऐसा नहीं करते थे। अगड़ा-पिछड़ा का भाव उस हिसाब से नहीं था। उनके मन के आसपास रहने वाले लोग भी अब इस दुनिया में नहीं हैं, वरना यह खुशी और ज्यादा होती। मैं खुश हूं। बिहार खुश है। यह जननायक को वास्तविक हक मिलना है। इसकी प्रतीक्षा उनके निधन के बाद से की जा रही थी।"
कर्पूरी ठाकुर को बहुत पहले ही मिलना चाहिए था भारत रत्न....
आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मेरे राजनीतिक और वैचारिक गुरु स्व. कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न अब से बहुत पहले मिलना चाहिए था। हमने सदन से लेकर सड़क तक ये आवाज उठाई, लेकिन केंद्र सरकार तब जागी जब सामाजिक सरोकार की मौजूदा बिहार सरकार ने जातिगत जनगणना करवाई और आरक्षण का दायरा बहुजन हितार्थ बढ़ाया। डर ही सही राजनीति को दलित बहुजन सरोकार पर आना ही होगा।'
केंद्र सरकार को साधुवाद...
बिहार से उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित करने के फैसले के लिए केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'वंचित, उपेक्षित, उत्पीड़ित और उपहासित वर्गों के पैरोकार, महान समाजवादी नेता एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर जी को 'भारत रत्न' देने की हमारी दशकों पुरानी मांग पूरी होने पर अपार खुशी हो रही है। इसके लिए केंद्र सरकार को साधुवाद।
कांग्रेस जो 60 साल में न कर पाई, मोदी सरकार ने 10 में कर दिखाया...
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 10 वर्षों में वह काम पूरा कर दिया, जो कांग्रेस 60 वर्षों में पूरा नहीं कर पाई थी। मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में ठाकुर ने कहा, मोदी सरकार ने जो काम किया है उसे जन-जन तक पहुंचाना पार्टी कार्यकर्ताओं की मुख्य जिम्मेदारी है। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, आखिरकार इंतजार खत्म हुआ। 140 करोड़ लोगों की मांग पूरी हुई। एक बात तो साबित हो चुकी है कि भाजपा देश की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है, जिसने अपनी स्थापना से लेकर आज तक अपनी विचारधारा कायम रखी है।