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Water Crisis: 'झुग्गियों में दे रहे मुफ्त पानी, सात हजार बोरवेल बंद', बंगलूरू के जल संकट पर बोले डीके शिवकुमार

Mon, 11 Mar 2024 12:07 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री शिवकुमार ने जल संकट पर कहा कि हम झुग्गियों में मुफ्त पानी उपलब्ध करा रहे हैं और भाजपा इसमें राजनीति कर रही है। लेकिन हमें फर्क नहीं पड़ता है भाजपा क्या बोल रही है क्योंकि हमारा पूरा फोकस लोगों को पानी उपलब्ध कराना है। 
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कर्नाटक में जल संकट पर बोले डीके शिवकुमार - फोटो : पीटीआई/अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू जल संकट के दौर से गुजर रही है। देश की आईटी राजधानी कहे जाने वाले शहर में लोग पानी की बूंद-बूंद को भी तरस रहे हैं। हालात यहां तक आ गए हैं कि कर्नाटक जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड ने कई कामों में पेयजल के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है। जिसके बाद से ही भाजपा खासा आक्रामक दिखाई दे रही है। वहीं भाजपा के आरोप पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। 
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हमने कई कठोर कदम उठाए हैं- शिवकुमार
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा कि 16,000 बोरवेल में से 7,000 बोरवेल ने काम करना बंद कर दिया है। हम लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। बीडब्ल्यूएसएसबी, बीबीएमपी और नोडल अधिकारी इस पूरे मामले को देख रहे हैं। एक बोर्ड होगा, यह देखने के लिए कि वैध जल प्रदाता टैंकर और अवैध प्रदाता कौन हैं, जो अधिक शुल्क ले रहे हैं।



'झुग्गियों में मुफ्त पानी पहुंचा रहे और BJP कर रही राजनीति'
पानी के संकट पर बोलते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि हम झुग्गियों में मुफ्त पानी उपलब्ध करा रहे हैं। भाजपा इसमें राजनीति कर रही है और हमें भाजपा के आरोपों की कोई चिंता नहीं है। भाजपा जानबूझकर राजनीति कर रही है। यह राजनीति है, जो भाजपा खेल रही है। हम तमिलनाडु को कोई पानी नहीं दे रहे हैं और हमने जारी नहीं किया है।
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बंगलूरू में जल संकट का कारण क्या है?
जल संकट का एक कारण पिछले साल कम बारिश होना है। भारतीय मौसम विभाग ने कम बारिश के लिए अल नीनो असर को जिम्मेदार ठहराया है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से कावेरी नदी का जल स्तर गिर गया है। इस कमी का असर सिर्फ पीने के पानी पर ही नहीं पड़ता बल्कि सिंचाई पर भी पड़ रहा है। इसके अलावा, हाल के महीनों में बारिश की कमी के कारण बंगलुरु में बोरवेल सूख रहे हैं। कर्नाटक समेत दक्षिणी भारत के राज्यों में फरवरी में बिलकुल भी बारिश नहीं हुई। इस बढ़ते तापमान के कारण बंगलूरू के लोगों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। 
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