बेंगलुरु की रहने वाली एक 17 वर्षीय किशोरी पिछले दो महीने से लापता है। उसके माता-पिता को शक है कि उसकी गुमशुदगी शमनवाद (Shamanism) से संबंधित हो सकती है। उन्होंने बेटी का पता लगाने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों से मदद की अपील की है। लापता किशोरी का नाम अनुष्का है। उसके पिता अभिषेक ने बताया है कि वह 31 अक्तूबर को घर से निकली थी और किसी ने उसको बहकाया है।
उन्होंने कहा, 'किसी ने उसे बहकाया है। वह अपने आप घर छोड़ कर नहीं जा सकती। मैं अपनी बेटी को ढूंढने के लिए सोशल मीडिया पर लोगों से मदद करने की अपील कर रहा हूं।' वहीं, अनुष्का की मां अर्चना ने बताया है कि वह शमनवाद से प्रभावित थी। शमनवाद एक प्राचीन परंपरा है जिसे मानने वाले लोग आत्माओं, भगवानों, दैत्यों के अनदेखे संसार में भरोसा करते हैं।
पुलिस कोशिश कर रही है लेकिन कोई परिणाम नहीं
अर्चना ने कहा, 'अनुष्का ने हमें बताया था कि वह शमनवाद जैसा ध्यान करना चाहती है। हमने उसके कहा था कि वह केवल घर पर इसे सीख सकती है। मैं उससे अनुरोध करती हूं कि वह घर वापस लौट आए।' वहीं, अभिषेक ने बताया कि उसे ढूंढने की पुलिस की कोशिशें अभी तक नाकाम साबित हुए हैं। पुलिस अपना काम कर रही है लेकिन उसका कुछ परिणाम देखने को नहीं मिला है। मैं अपने स्तर पर भी कोशिशें कर रहा हूं।
ढूंढने के लिए सोशल मीडिया पर शुरू किए हैशटैग
अभिषेक ने कहा, मैंने सोशल मीडिया पर फाइंडअनुष्का जैसे हैशटैग शुरू किए हैं। लोग मेरे मैसेज को रिट्वीट कर रहे हैं। अगर कोई व्यक्ति मेरी बेटी को कहीं देखता है तो कृपया मुझे इसकी जानकारी दें। अगर मेरी बेटी किसी व्यक्ति या संगठन के बहकावे में हैं और कोई इस बारे में जानता है तो मुझे बताएं, वह एक नाबालिग है। उन्होंने कहा कि हमने अनुष्का के व्यवहार में इस साल जुलाई-अगस्त के बाद से थोड़ा परिवर्तन देखा था।
पता लगाने के लिए पुलिस ने किया अलग टीम का गठन
वहीं, पुलिस का कहना है कि किशोरी की गुमशुदगी को लेकर एक मामला दर्ज किया गया है और उसका पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं। डीसीपी बेंगलुरु (उत्तरी) विनायक पाटिल ने कहा कि हम सभी पक्षों पर ध्यान देते हुए कार्रवाई कर रहे हैं। हम उसकी पिछली फोन डिटेल खंगाल रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। किशोरी का पता लगाने के लिए अलग टीम का गठन किया गया है। जल्द ही हम किशोरी को ढूंढ लेंगे।