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West Bengal: 37 साल के व्यक्ति ने की आत्महत्या, पिता का दावा ‘सीएए की घोषणा के बाद परेशान था बेटा’

Thu, 21 Mar 2024 11:09 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

West Bengal: मृतक देबाशीष सेनगुप्ता के पिता का कहना है कि उनका बेटा सीएए की घोषणा के बाद से मानसिक दबाव में था। इस वजह से उसने आत्महत्या की। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहां दक्षिण 24 परगना जिले के सुभाषग्राम में 37 वर्ष के व्यक्ति का शव घर में लटका हुआ मिला। उसके पिता ने दावा किया है कि उनके बेटे ने नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए की घोषणा के बाद घबराहट के कारण आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम देबाशीष सेनगुप्ता बताया गया है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधि मंडल का गठन किया है। प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार शाम मृतक देबाशीष सेनगुप्ता के परिवार से मुलाकात की।

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पिता ने दर्ज कराई शिकायत
मृतक के पिता तपन सेनगुप्ता ने बृहस्पतिवार शाम को नेताजी नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया है कि उनका बेटा सीएए की अधिसूचना की घोषणा के बाद से मानसिक दबाव से पीड़ित था। देबाशीष सेनगुप्ता ने बुधवार को अपने मामा के घर पर आत्महत्या कर ली। इसके बाद देबाशीष को आनन-फानन में सोनारपुर ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां पहुंचते ही डॉक्टरों ने देबाशीष को मृत घोषित कर दिया गया। देबाशीष के पिता ने पुलिस से मामले की जांच करने की मांग की है।

देबाशीष की मौत पर टीएमसी का बयान
तृणमूल कांग्रेस ने एक्स पर देबाशीष सेनगुप्ता के परिवार के हवाले से लिखा है कि देबाशीष को नागरिकता रद्द किए जाने को लेकर लगातार घबराहट के दौरे पड़ रहे थे। उनके रिश्तेदारों का कहना है कि देबाशीष सीएए के मद्देनजर अपने भविष्य को लेकर चिंतित थे।

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राजनीति कर रही है टीएमसी- भाजपा
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस घटना का सीएए की अधिसूचना से कोई संबंध नहीं है। भाजपा नेता ने कहा कि टीएमसी जबरन इस बात पर राजनीति कर रही है। इससे साफ होता है कि ममता बनर्जी की पार्टी आगामी लोकसभा चुनाव के परिणामों को लेकर अभी से डरी हुई है।

 

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