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पश्चिम बंगाल: सात जिलों में बाढ़ की आशंका को लेकर सरकार अलर्ट, अधिकारियों से कहा- तत्काल कदम उठाएं

Mon, 02 Oct 2023 05:04 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

West Bengal: मुख्य सचिव एच के द्विवेदी ने आज दोपहर पश्चिम बर्धमान, बांकुड़ा, बीरभूम, पूर्व बर्धमान, पश्चिम मेदिनीपुर, हुगली और हावड़ा जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक डिजिटल बैठक की और उन्हें तत्काल सभी प्रकार के एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया।
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Flood - फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी राज्य झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के सात जिलों में बाढ़ आने की आशंका है।

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मुख्य सचिव ने जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ की  बैठक
मुख्य सचिव एच के द्विवेदी ने आज दोपहर पश्चिम बर्धमान, बांकुड़ा, बीरभूम, पूर्व बर्धमान, पश्चिम मेदिनीपुर, हुगली और हावड़ा जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक डिजिटल बैठक की और उन्हें तत्काल सभी प्रकार के एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया।

बाढ़ संभावित क्षेत्रों की पहचान करें अधिकारी
एक आधिकारिक बयान में कहा गया,'बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि वे निचले और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की तत्काल पहचान करें और साथ ही जलभराव और तटबंध टूटने की निगरानी शुरू करें और उनके उपचार के लिए उचित कदम उठाएं।'

मौसम विभाग का पांच अक्तूबर को भारी बारिश का अनुमान
मुख्य सचिव ने बैठक में बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पांच अक्तूबर तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है और कल भारी बारिश होने का अनुमान है। अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव का क्षेत्र वर्तमान में झारखंड के ऊपर मंडरा रहा है व कुछ और समय तक वहां जारी रहने की संभावना है। इससे भारी बारिश जारी रहेगी और इसके परिणामस्वरूप बांधों में उच्च प्रवाह होगा। विभाग ने दावा किया कि झारखंड में एक अक्तूबर को ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में 50 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।
 

अधिकारियों को सामग्री का पर्याप्त भंडार रखने का भी निर्देश
बयान में कहा गया, जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निचले इलाकों में तटबंधों की सुरक्षा के लिए बाढ़ से लड़ने वाली सामग्री जैसे रेत की बोरियों सहित राहत सामग्री का पर्याप्त भंडार रखने का भी निर्देश दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जिला प्रशासनों से यह भी कहा गया है कि अगर किसी क्षेत्र में असामान्य रूप से अधिक बारिश होती है, तो नबन्ना (राज्य सचिवालय) को सूचित करें, क्योंकि पानी छोड़ने के लिए निचले इलाकों में भी बारिश को ध्यान में रखना होगा।

पांच घंटे में आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष के साथ साझा होगी रिपोर्ट
बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री के निर्देश पर बुलाई गई बैठक के दौरान सिंचाई एवं जलमार्ग तथा आपदा प्रबंधन विभागों के अधिकारियों और एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) ने भाग लिया। जिलों द्वारा बारिश, तटबंध टूटने और स्थिति बिगड़ने पर निकासी पर पांच घंटे की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन 24x7 नियंत्रण कक्ष के साथ साझा की जाएगी। सिंचाई और जलमार्ग विभाग के कार्यकारी अभियंता इस संबंध में जिला प्रशासन के साथ निकट संपर्क बनाए रखेंगे। यदि आवश्यक हो तो लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए प्रारंभिक उपायों के साथ-साथ उन क्षेत्रों में मीकिंग की जाएगी।
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तटबंधों की सुरक्षा के लिए बाढ़ से लड़ने वाली अन्य सामग्रियों जैसे रेत की बोरियों आदि सहित राहत सामग्री का पर्याप्त भंडार निचले इलाकों में स्टॉक में रखा जाना चाहिए। राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रकाश की उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।

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