संसद का मानसून सत्र कल यानि सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इससे एक दिन पहले सरकार ने कहा है कि विभिन्न विभागों ने इस सत्र के दौरान 32 विधेयकों को दोनों सदनों में पेश करने के संकेत दिए हैं जिनमें से 14 विधेयक तैयार है। सरकार ने कहा है कि वह इन सभी विधेयकों पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा चाहती है।
'बिना चर्चा पारित नहीं करेंगे विधेयक'
सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि इन विधेयकों में से कुछ पर संसद की स्थायी समितियों द्वारा पहले ही चर्चा की जा चुकी है। उन्होंने कहा, विभिन्न विभागों द्वारा 32 विधेयकों को संसद के इस सत्र में पेश करने के संकेत दिए गए हैं, इनमें से 14 विधेयक तैयार है। लेकिन हम बिना चर्चा के विधेयकों को पारित नहीं करेंगे।
सर्वदलीय बैठक में 36 ने लिया हिस्सा
संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि सरकार ने सर्वदलीय बैठक में लगभग 45 दलों को आमंत्रित किया गया था, इसमें से 36 ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि बैठक में हिस्सा लेने के लिए मैं उनका आभारी हूं। वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान उन्होंने कुछ मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की।
असंसदीय वाक्यांशों का लंबे समय से किया जा रहा आकलन
उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को उठाया गया उनमें उन शब्दों का भी उल्लेख किया गया है जिन्हें असंसदीय घोषित किया गया है और यह स्पष्ट किया जाता गया है कि असंसदीय वाक्यांशों का संकलन हर साल लंबे समय से किया जा रहा है।
विपक्ष भी तैयार हो इसलिए पहले दे रहे नोटिस
संसदीय कार्यमंत्री ने मानसून सत्र के लिए सूचीबद्ध विधायी कार्यों को लेकर कहा, हमने 32 विधेयक सूचीबद्ध किए हैं, ताकि वे (विपक्ष) भी तैयार हों और इसलिए हम पहले से नोटिस दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि 14 विधेयक तैयार हैं और हम और भी अधिक पर विचार कर सकते हैं। इससे भी अहम बात यह है कि हम सभी विधेयकों पर लोकतांत्रिक तरीके से चर्चा करने में विश्वास करते हैं। हम लोकतंत्र में विश्वास करते हैं औऱ हम सभी मामलों पर चर्चा के लिए तैयार है।