केंद्रीय कर्मचाीरियों को सौगात।
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अगस्त में 139.2 पर रहा सीपीआई-आईडब्लू
श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय द्वारा हर 16 महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए मूल्य सूचकांक का संकलन सम्पूर्ण देश में फैले हुए 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है। सूचकांक का संकलन 88 औद्योगिक केंद्रों एवं अखिल भारत के लिए किया जाता है। यह संकलन, आगामी महीने के अंतिम कार्यदिवस पर जारी होता है। अगस्त 2023 के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्लू) 0.5 अंक घटकर 139.2 अंकों के स्तर पर संकलित हुआ है। सूचकांक में पिछले माह की तुलना में 0.36 प्रतिशत की कमी रही। एक वर्ष पूर्व इन्हीं दो महीनों के बीच 0.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
अगस्त के दौरान सूचकांक की स्थिति
केंद्र स्तर पर जयपुर के सूचकांक में अधिकतम 4.4 अंक की कमी रही है। अन्य तीन केंद्रों पर 3 से 3.9 अंक, 11 केंद्रों में 2 से 2.9 अंक, 13 केंद्रों में 1 से 1.9 अंक तथा 22 केंद्रों में 0.1 से 0.9 अंक के बीच कमी रही है। इसके विपरित कटक में अधिकतम 4.4 अंक की वृद्धि पाई गई है। इसके बाद जालंधर में 4.0 अंक की वृद्धि तथा दादर और नगर हवेली एवं कोलम, प्रत्येक में 3.7 अंक की वृद्धि रही है। अन्य तीन केंद्रों में 2.9 अंक, 9 केंद्रों में 1 से 1.9 अंक तथा 18 केंद्रों में 0.1 से 0.9 अंक के बीच बढ़ोतरी रही है। शेष 4 केंद्रों के सूचकांक स्थिर रहे हैं। अगस्त 2023 के लिए मुद्रास्फीति दर पिछले महीने के 7.54 प्रतिशत तथा गत वर्ष के इसी माह के 5.85 प्रतिशत की तुलना में 6.91 प्रतिशत रहा है। खाद्य स्फीति दर पिछले माह के 11.87 प्रतिशत एवं एक वर्ष पूर्व इसी माह के 6.46 प्रति प्रतिशत की तुलना में 10.06 प्रतिशत रहा।
देश में प्रति व्यक्ति आय 111 प्रतिशत बढ़ी
संसद में इस मुद्दे पर जो सवाल जवाब हुए हैं, उनमें कहा गया है कि जनवरी 2016 से जनवरी 2023 के बीच में कर्मियों के वेतन और पेंशन में 42 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अवधि के दौरान देश में प्रति व्यक्ति आय 111 प्रतिशत बढ़ी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सदन में बताया था कि मुद्रा स्फीति के कारण वेतन और पेंशन के असली मूल्य में जो कटौती होती है, उसे पूरा करने के लिए डीए/डीआर दिया जाता है। अब डीए 42 प्रतिशत हो गया है। प्रति व्यक्ति आय तीन गुणा हो गई। इसके साथ वस्तुओं के दाम भी उसी अनुरुप में बढ़े हैं। मतलब, केंद्र सरकार के कर्मी कम वेतन पर काम कर रहे हैं। पिछले तीन वेतन आयोगों की तरफ से कहा गया है कि जब डीए 50 प्रतिशत तक पहुंच जाए तो मुद्रा स्फीति के प्रभाव को कम करने के लिए भविष्य में पे रिवाइज किया जाए। जनवरी 2024 में डीए 50 के पार हो जाएगा। संसद में वित्त राज्यमंत्री का कहना था कि सरकार के समक्ष, आठवां वेतन आयोग गठित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।