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कर्नाटक में आज से बसव'राज': बसवराज बोम्मई बने नए मुख्यमंत्री, पद संभालते ही लिए कई फैसले

Wed, 28 Jul 2021 11:02 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बसवराज बोम्मई ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई।
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बसवराज बोम्मई शपथ लेते हुए - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बसवराज बोम्मई ने कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें गोपनीयता की शपथ दिलाई। जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल का विस्तार बाद में किया जाएगा। बता दें कि बुधवार को शपथ लेने से पहले बोम्मई ने अपने दिन की शुरुआत अंजनेय मंदिर में  भगवान का आशीर्वाद लेकर की। शपथ लेने से पहले उन्होंने कहा कि आज हम एक कैबिनेट बैठक करेंगे, इसके बाद एक वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की जाएगी जिसमें राज्य में कोविड और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा होगी। 

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विधवा, दिव्यांग व सांध्य सुरक्षा पेंशन बढ़ी, 1000 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना भी
मुख्यमंत्री पद ग्रहण करते ही बसवराज बोम्मई ने कैबिनेट व अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को मैंने अपना एजेंडा बताया। हमारी प्राथमिकता बाढ़ व कोरोना प्रबंधन है। इसके अलावा हम किसानों के बच्चों के लिए 1000 करोड़ की छात्रवृत्ति योजना भी लाएंगे। 

जानिए कितनी बढ़ेगी पेंशन
मुख्यमंत्री बोम्मई ने बताया कि राज्य में विधवा पेंशन राशि 600 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये की जाएगी। इससे खजाने पर 414 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा, लेकिन 17.25 लाख महिलाएं लाभांवित होंगी। इसी तरह दिव्यांग पेंशन भी बढ़ाकर 600 से 800 रुपये की जाएगी। इससे सरकारी खजाने पर 90 लाख का अतिरिक्त भार आएगा, लेकिन 3.66 लाख हितग्राही लाभांवित होंगे। बोम्मई ने 'सांध्य सुरक्षा' योजना के तहत वृद्धावस्था पेंशन भी बढ़ाकर 1000 रुपये से 1200 रुपये की जाएगी। इससे 35.98 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। हालांकि खजाने पर इसका 863.52 करोड़ का अतिरिक्त बोझ आएगा। 
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येदियुरप्पा के करीबी हैं बोम्मई
बता दें कि कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई का जन्म 28 जनवरी 1960 को हुआ था। जल संसाधन एवं सहयोग मंत्रालय के साथ-साथ उन्होंने हवेरी और उडुपी जिलों के प्रभारी मंत्री के तौर पर भी काम किया है। बता दें कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक बासवराज बोम्मई ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत जनता दल के साथ की थी। 

राज्य सरकार में दूसरे नंबर के नेता बोम्मई लिंगायत समुदाय से आते हैं। अभी तक वह राज्य के गृह मंत्री के साथ संसदीय कार्य मंत्री और कानून मंत्री का पद भी संभाल रहे थे। बोम्मई को बीएस येदियुरप्पा का करीबी माना जाता है और वह 'जनता परिवार' से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता एसआर बोम्मई भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 

 2023 के चुनाव में लिंगायतों से ही सत्ता का गणित साधने की कोशिश
कर्नाटक की आबादी में लिंगायत समुदाय की भागीदारी करीब 17 फीसदी है। 224 सदस्यीय विधानसभा सीटों पर 100 से ज्यादा सीटों पर लिंगायत समुदाय का प्रभाव है। ऐसे में भाजपा ने येदियुरप्पा के हटने के बाद लिंगायत समुदाय के ही किसी व्यक्ति को नया सीएम बनाकर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सत्ता का गणित साधने की कोशिश की है।

12 साल पहले भाजपा में शामिल हुए, अब बने ‘नायक’
सादर लिंगायत समुदाय से आने वाले बसवराज पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। खेती से जुडे़ होने के नाते कर्नाटक के सिंचाई मामलों का जानकार माना जाता है। राज्य में कई सिंचाई परियोजनाएं शुरू करने की वजह से उनकी सराहना की जाती है। उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र में भारत की पहली 100 फीसदी पाइप सिंचाई परियोजना लागू करने का श्रेय भी दिया जाता है। उनके पिता एसआर बोम्मई भी कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बसवराज 2008 में भाजपा में शामिल हुए और तभी लगातार पार्टी में ऊपर चढ़ते चले गए। वह पहले राज्य सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत जनता दल के साथ की थी।

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