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जांच से खुलेंगे हादसे के रहस्य?: 'जल्द जारी की जाएगी रिपोर्ट', बारामती विमान हादसा पर मंत्रालय ने साफ किया रुख

Thu, 19 Feb 2026 11:18 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय का बड़ा बयान सामने आया है। मंत्रालय ने बताया कि जांच पूरी पारदर्शिता और सबूत-आधारित तरीके से हो रही है और जल्द ही जांच रिपोर्ट जारी की जाएगी। इस हादसे में अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी।

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बारामती विमान हादसा - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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पुणे के बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी। इस हादसे में पूर्व मुख्यमंत्री और एनसीपी अध्यक्ष अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल और जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि 28 जनवरी को हुए लरजेट 45 विमान हादसे की जांच में सरकार पूरी पारदर्शिता और पेशेवर तरीकों के साथ लगी हुई है। 

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मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) इस हादसे की प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द जारी करेगा। इसके लिए विमान के कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (सीवीआर) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (डीएफडीआर) की जांच की जा रही है। डीएफडीआर डेटा को एएआईबी की फ्लाइट रिकॉर्डर लैब में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है।

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सीवीआर की तकनीकी जांच जारी
मंत्रालय के अनुसार अभी सीवीआर की तकनीकी जांच चल रही है। इसके लिए विमान बनाने वाले देश के विशेषज्ञों से भी मदद ली जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच पूरी तरह तकनीकी और सबूत-आधारित है। इसमें विमान के मलबे की जांच, ऑपरेशन और मेंटेनेंस रिकॉर्ड की समीक्षा और जरूरी हिस्सों के लैब परीक्षण शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आईसीएओ) के नियमों के अनुसार, हादसे के 30 दिन के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट जारी की जाएगी। अंतिम रिपोर्ट बाद में आएगी।

बता दें कि मंत्रालय ने हादसे के बाद सिविल एविएशन निदेशालय (डीजीसीए) से वीएसआर वेंचर्स की विशेष ऑडिट कराने को कहा है। इसमें ऑपरेटर की नियमों के पालन, ऑपरेशन नियंत्रण, मेंटेनेंस, क्रू ट्रेनिंग, और सुरक्षा प्रबंधन की जांच शामिल है। यह ऑडिट 4 फरवरी 2026 से चल रही है और जल्द समाप्त होने की उम्मीद है। साथ ही, मंत्रालय ने अन्य प्रमुख गैर-निर्धारित ऑपरेटरों और वीआईपी/वीवीआईपी उड़ानों वाले हवाईअड्डों की भी विशेष जांच शुरू करने का आदेश दिया है।

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मंत्रालय ने जनता और मीडिया से किया ये आग्रह
मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि सभी जांच और नियम-पालन की कार्रवाइयां पूर्ण पारदर्शिता और पेशेवरता के साथ हो रही हैं। उन्होंने जनता और मीडिया से आग्रह किया है कि किसी प्रकार की अटकलों पर ध्यान न दें और जांच को पूरी तरह पूरा होने दें। हादसे के बाद, अजित पवार के छोटे बेटे जय पवार ने गंभीर लापरवाहियों की संभावना पर विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि विमान का ब्लैक बॉक्स इतनी आसानी से नष्ट नहीं हो सकता।

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