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IG: पुलिस फंड में गबन में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी के बैंक खाते किए फ्रीज, पूर्व आईजी के खिलाफ केस दर्ज

Fri, 09 Dec 2022 05:57 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलांग/पटना

सार

हाईकोर्ट पुलिस फंड में कथित हेराफेरी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। गया के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक अमित लोढ़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
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(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मेघालय सरकार ने पुलिस सुविधा निर्माण के लिए स्वीकृत सार्वजनिक धन के कथित गबन के आरोप में गिरफ्तार वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जीके लंगराई के बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। राज्य सरकार के वकील ने बुधवार को मेघालय हाईकोर्ट में दायर हलफनामे में कहा, उम्मीद है कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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हाईकोर्ट पुलिस फंड में कथित हेराफेरी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा है। वकील ने लंगराई के खिलाफ दो और शिकायतें दर्ज करने के लिए हाईकोर्ट से अनुमति मांगी है। लंगराई फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एसएफ-10 बटालियन के कमांडेंट रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को पिछले महीने सदर पुलिस स्टेशन में राष्ट्रव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एनईआरएस) और सार्वजनिक सुरक्षा उत्तर बिंदु (पीएसएपी) सुविधा के निर्माण के लिए धन के गबन में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था। सार्वजनिक धन की कथित हेराफेरी तब हुई थी जब लंगराई सहायक पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) के पद पर तैनात थे। 

गया के पूर्व आईजी अमित लोढ़ा के खिलाफ केस दर्ज
बिहार के गया के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक अमित लोढ़ा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। उन पर सरकारी सेवा में रहते हुए व्यावसायिक गतिविधियां चलाने का आरोप है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने जांच के बाद 7 दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज कराई। एसवीयू के अनुसार, लोढ़ा के खिलाफ आरोप है कि उन्होंने सरकारी सेवक होने के बावजूद ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स के साथ सीरीज खाकी द बिहार चैप्टर वेब सीरीज के लिए फ्राइडे स्टोरी टेलर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ व्यावसायिक समझौते किये। जांच एजेंसी के प्रतिवेदन के आधार पर पुलिस मुख्यालय ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। 
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