इस समय पूरे देश में खासकर महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की धूम चल रही है। नवरात्रि भी आने वाली है। इन दोनों त्योहारों पर डीजे वगैरह का प्रयोग परंपरा की तरह हो गया था। ध्वनि प्रदूषण के तर्क पर महाराष्ट्र सरकार ने गणपति विसर्जन और नवरात्रि उत्सव के दौरान डीजे आदि के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस निर्णय को हटाने के लिए दाखिल याचिका को आज बंबई हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। बता दें कि रविवार को गणेस उत्सव विसर्जन जुलूस के साथ पूरा होगा।
महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय के खिलाफ प्रोफेशनल ऑडियो एंड लाइटिंग एसोसिएशन (पीएएलए) ने साउंड एम्प्लीफाइंग सिस्टम्स पर प्रतिबंध को चुनौती दी थी। लेकिन, न्यायमूर्ति शांतनु केमकर और न्यायमूर्ति सारंग कोटवाल की खंडपीठ ने पीएएलए की अंतरिम राहत वाली याचिका को खारिज कर दिया। उच्च न्यायालय ने कहा कि एसोसिएशन यह साबित नहीं कर सकी कि ऐसे ऑडियो सिस्टम्स का मंजूर ध्वनि सीमा का उल्लंघन किए बिना इस्तेमाल किया जा सकता है।