असम में भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा के चुनाव प्रचार करने पर लगे प्रतिबंध की अवधि को 48 घंटे से घटाकर 24 घंटे किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एक ओर जहां कांग्रेस ने चुनाव आयोग के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। वहीं दूसरी ओर प्रतिबंध के बावजूद भाजपा नेता सोशल मीडिया पर पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार करते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि सरमा असम में भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में आठवें नंबर पर हैं।
दरअसल, 24 घंटे के लिए प्रचार करने पर प्रतिबंध होने के बाद भी भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने पार्टी के एक उम्मीदवार के लिए ट्वीट किया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा- आज शाम को पश्चिम गुवाहाटी निर्वाचन क्षेत्र से हमारे उम्मीदवार रामेन्द्र नारायण कलिता के समर्थन में सोनाराम मैदान से लाल गणेश तक हमारे रोड शो में शामिल हों। रोड शो 6 किमी लंबा होगा।
क्या है प्रतिबंध
चुनाव आयोग ने भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा को दो अप्रैल से 48 घंटों के लिए विधानसभा चुनाव में कोई जनसभा आयोजित करने, जुलूस, रैलियां, रोड शो निकालने, साक्षात्कार देने और मीडिया (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया) से बात करने से रोक दिया था। हालांकि बाद में आयोग ने इस अवधि को घटाकर 24 घंटे कर दिया।
प्रतिबंध लगाए जाने के बाद दो अप्रैल को रात 10.46 बजे मंत्री सरमा ने एक ट्वीट कर कहा था कि मुझे निर्वाचन आयोग ने अगले 48 घंटों के लिए प्रचार रोकने को कहा है इसलिए कल होने वाली मेरी सभी बैठकें रद्द की जाती हैं।
हालांकि इसके बाद तीन अप्रैल यानी शनिवार को आयोग ने प्रतिबंध की अवधि घटा दी। अब ऐसे में प्रतिबंध के 24 घंटे पूरे हुए या नहीं यह एक अलग ही सवाल है। दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने प्रतिबंध की अवधि घटाए जाने पर सवाल उठाए हैं। तीन अप्रैल को ही सुबह 7.05 बजे सरमा ने दो ट्वीट किए हैं, जिनमें उन्होंने आयोग को भेजे अपने जवाब की कॉपी की तस्वीर साझा की है।
कोर्ट में कोई चुनौती नहीं दी, दादी को किया याद
इसके बाद एक और ट्वीट कर सरमा ने आयोग के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की खबरों का खंडन किया है। तीन अप्रैल को दोपहर 1.59 बजे सरमा ने यह ट्वीट कर कहा है कि उन्होंने चुनाव आयोग के प्रतिबंध लगाने के फैसले को किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दी है। इसके बाद उन्होंने अपने बचपन की एक तस्वीर साझा की है, इसमें वह अपनी दादी के साथ नजर आ रहे हैं।