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सियासत: केंद्रीय मंत्री दानवे की टिप्पणी पर राउत ने किया पलटवार, कहा- बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र को दिया था पहला ब्राह्मण मुख्यमंत्री

Fri, 06 May 2022 03:52 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, पुणे।

सार

शिवसेना नेता संजय राउत ने रावसाहेब दानवे के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि पार्टी के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे ने ही मनोहर जोशी के रूप में महाराष्ट्र को पहला ब्राह्मण मुख्यमंत्री दिया था।
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शिवसेना नेता संजय राउत। - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र में एक ओर जहां राज ठाकरे मस्जिदों से लाउड स्पीकर हटाने के मुद्दे को हवा देकर 'हिंदुत्व की राजनीति' को आगे बढ़ा रहे हैं वहीं दूसरी ओर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने महाराष्ट्र में ब्राह्मण समुदाय के सीएम होने की बात कहकर एक और नया मुद्दा खड़ा कर दिया है।

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शिवसेना नेता संजय राउत ने रावसाहेब दानवे के बयान पर पलटवार करते हुए गुरुवार को कहा कि पार्टी के संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे ने ही मनोहर जोशी के रूप में महाराष्ट्र को पहला ब्राह्मण मुख्यमंत्री दिया था। हडपसर इलाके में आयोजित एक राजनीतिक रैली को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि वह दिवंगत पार्टी सुप्रीमो ही थे जिन्होंने मुंबई और महाराष्ट्र में सड़कों पर नमाज अदा करने की प्रथा को खत्म किया था।

राउत मंगलवार रात जालना में ब्राह्मण समुदाय द्वारा आयोजित एक रैली के दौरान केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे के उस बयान का जिक्र कर रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में ब्राह्मण समुदाय के किसी सदस्य को देखना चाहते हैं।
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राउत ने कहा, "मैंने (भाजपा नेता) रावसाहेब दानवे का एक बयान पढ़ा कि वह महाराष्ट्र में एक ब्राह्मण मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं। आप राज्य को जातियों और वर्गों में क्यों विभाजित कर रहे हैं? राज्य बहुजन समाज (जनता) का है। राज्य छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू-फुले-आंबेडकर और मराठी मानुषों को एकजुट करने वाले बालासाहेब ठाकरे का है।'

उन्होंने कहा कि अगर आप ब्राह्मण मुख्यमंत्री चाहते हैं, तो राज्य के लोगों को फैसला करने दें और यह शिवसेना ही तय करेगी कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन बनेगा।

शिवसेना सांसद ने कहा, "और आप यह किससे कह रहे हैं ... यह बालासाहेब थे जिन्होंने महाराष्ट्र को मनोहर जोशी (1995 में) के रूप में अपना पहला ब्राह्मण सीएम दिया था। जब लोगों ने पूछा था कि महाराष्ट्र जैसे राज्य में एक ब्राह्मण सीएम क्यों है, तो उन्होंने कहा था कि जाति महत्वपूर्ण नहीं है, काम महत्वपूर्ण है, और निष्ठा महत्वपूर्ण है।" 

उन्होंने कहा कि राज्य में एक मुस्लिम सीएम बैरिस्टर अब्दुल रहमान अंतुले भी थे, जिन्हें बाल ठाकरे ने स्वीकार किया था। राउत ने कहा, "वास्तव में, अंतुले बालासाहेब के सबसे प्यारे सीएम थे। जब शिवसेना सत्ता में आ रही थी, तो बालासाहेब से एक बार पूछा गया था कि उन्हें किस तरह का सीएम चाहिए। उन्होंने कहा था कि उन्हें अंतुले जैसा सीएम चाहिए, जो तुरंत निर्णय ले सके और जिसके पास प्रशासन पर अच्छी पकड़ हो।"

मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की मांग करने वाले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे का नाम लिए बिना राउत ने कहा कि लाउडस्पीकरों के मुद्दे पर राजनीति चल रही है और बाल ठाकरे के कुछ पुराने वीडियो मस्जिदों के ऊपर लाउडस्पीकर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए साझा किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था, वे अब हमें उनके विचारों और विचारधारा के बारे में बता रहे हैं।'

राउत ने कहा कि "बाल ठाकरे अपने भाषणों में कहा करते थे कि जैसे ही उन्हें राज्य में सत्ता मिलेगी, वह सड़कों पर नमाज पढ़ने से रोक देंगे। ये लोग भूल गए हैं कि आज मुंबई और महाराष्ट्र में सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती है। शिवसेना के सत्ता में आने के बाद, बालासाहेब ने मुस्लिम मौलवियों की एक बैठक बुलाई थी और उन्हें मुंबई के लोगों को दिए गए अपने वादे के बारे में बताया था और उनसे कहा था कि सड़कों पर नमाज अदा करने की प्रथा बंद करो।"

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