बंगाल के नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने अचानक राजनीति से संन्यास का एलान कर सबको हैरत में डाल दिया है। सोमवार को सुप्रियो ने इसके पीछे की वजह 'राजनीति' को बताया।
बाबुल सुप्रियो ने कहा कि मैं आसनसोल में सांसद के तौर पर काम करना जारी रखूंगा। यहां संवैधानिक पद से ऊपर राजनीति है और मैं खुद को इससे अलग करता हूं। मैं किसी और राजनीतिक दल में शामिल नहीं होने वाला हूं। मैं जल्द ही दिल्ली में सांसद बंगला खाली कर दूंगा और सुरक्षा कर्मियों को भी उनकी ड्यूटी से राहत दे दूंगा।
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सुप्रियो ने यह बात सोमवार की शाम को भाजपा नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद कही। बता दें कि संन्यास के एलान के बाद रविवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने करीब एक घंटे तक सुप्रियो के साथ बैठक की थी। जानकारी के अनुसार इस दौरान पार्टी अध्यक्ष नड्डा ने बाबुल सुप्रियो से अपना फैसला वापस लेने का अनुरोध किया था।
कहा जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुप्रियो ने अचानक राजनीतिक संन्यास लेने की घोषणा कर एक तरीके से भाजपा नेतृत्व से नाराजगी जताई है। सूत्रों का कहना है कि इस नाराजगी के पीछे कई वजहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बाबुल सुप्रियो को जब टिकट देखकर मैदान में उतारा गया था तो यह फैसला ही उनके गले नहीं उतरा था।