सपा शासन में सत्ता की धुरी रहे आजम खां इन दिनों चौतरफा घिरे हैं। विरोधी मुखर हैं। आरोप बहुतेरे हैं। कस्टोडियन से लेकर वक्फ की संपत्तियों तक पर कब्जे के आरोप उन पर लग रहे हैं। इन आरोपों पर पूर्व मंत्री नेसिलेसिलेवार अपनी सफाई पेश की। अमर उजाला से खास बाचतीत में उन्होंने साफ कहा कि यदि गरीबों और यतीमों के लिए मुफ्त में शिक्षा देने के संस्थान खोलकर मैंने गुनाह किया है तो हां उसकी सजा पाने के लिए वह तैयार हैं।
मोदी जी और योगी चाहें तो उनके शिक्षा के मंदिरों में ताले लगवा दें। अब्दुल्ला आजम की विधायकी पर उठ रहे सवाल पर भी आजम बेबाक बोले। बेटे अब्दुल्ला की विधायकी पर कम उम्र को लेकर सवाल उठाने वाले नवाब काजिम अली अली पर आजम बोले - नवेद मियां? मैं ऐसे किसी भी शख्स को नहीं जानता। काजिम अली तो खुद वक्फ संपत्तियों के लुटेरे हैं।
काजिम और काजिब में बहुत थोड़ा ब और म अंतर है, काजिब कहिए.. काजिब कहते हैं झूठ बोलने वाले को। तो यह किसी भी वक्फ संपत्ति के मालिक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगी है। अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए वह भागते रहे। जहां अब्दुल्ला को वह नाबालिग बता रहे हैं। तो चार बार विधायक रहने वाले नाबालिग से हार गए। बड़ी शर्मनाक स्थिति है। कोर्ट का मामला है कोर्ट में ही निपट लिया जाएगा।
आजम ने कहा कि जो लोग कस्टोडियन की जमीन पर कब्जे का आरोप लगा रहे हैं वह नाली के कीड़े हैं, वह तो हर जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने कुछ गलत किया ही नहीं है। सरकार चाहे तो उन्हें प्रदेश में और अवैध कब्जों वाली जमीन दे दे वह तो पूरे प्रदेश में स्कूल कालेज खोल देंगे। यतीमखाने की जमीन पर रामपुर पब्लिक इंटरनेशनल स्कूल खोला जाएगा।
आरपीएस के जितने भी स्कूल हैं सभी में यतीम, गरीबों को मुफ्त में शिक्षा दी जाती है। साथ ही अन्य को महज बीस रुपये में पढ़ाई की जाती है। इस स्कूल में मुफ्त में सिलेबस, जूते, मोजे तक दिए जाते हैं।
कांग्रेस से गठबंधन के पक्षधर नहीं थे आजम
आजम खान
मदरसा आलिया का भवन कब्जाने के आरोप पर आजम बोले-भवन जर्जर हो चुका था। यह भवन नो प्राफिट-नो लास पर 90 साल की लीज पर मिला है। यूनिवर्सिटी में बिजलीघर उन्होंने नहीं बनवाया। बिजली विभाग भी अपने पास नहीं था। हमने तो मुफ्त में जमीन दे दी। अब सरकार चाहे तो यहां से बिजलीघर ले जा सकती है। पानी की टंकी का सवाल है तो पानी की टंकी से पानी की सप्लाई तो हर जगह होती है। ऐसा कुछ भी नहीं है।
जौहर विवि में गेस्ट हाउस पर बोले कि यह लोक निर्माण विभाग का है। गेस्ट हाउस में राज्यमंत्री शौक से जनता दरबार लगा सकते हैं, लेकिन यहां पर स्वार, चमरौवा और शहर की जनता आएगी, लेकिन वह उन पर गोली न चलवाएं। जौहर यूनिवर्सिटी और गेस्ट हाउस को डायनामाइट से उड़ाने के सवाल पर आजम का कहना था कि राज्यमंत्री को किसी बात की जानकारी नहीं है। योगी जी को अपने मंत्री को जानकारी देना चाहिए।
कहीं ऐसा न हो कि डायनामाइट सिविल लाइंस स्थित राज्यमंत्री के घर के पास से ही बरामद हो जाए। सब घेरने की कोशिश में लगे हैं। राज्यमंत्री तो पुलिस वालों को भी फोन पर धमका रहे हैं। गालियां दे रहे हैं। जौहर विवि के आसपास विकास कराने के सवाल पर बोले कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ा कोई भी ऐसा नेता दिखा दें जिसने तंग गली में रहकर शहर का विकास कराया हो। ज्यादातर ने खुद ही अपना विकास किया। उन्होंने तंग गली में रहकर शहर का विकास कराया।
सपा की हार की क्या वजह पर आजम बोले कि कांग्रेस से गठबंधन के पक्ष में न वह पहले से थे और न गठबंधन उनसे पूछकर हुआ। हारजीत अब यह पुरानी बात हो गई। सपा में सबसे मुखर नेता होने पर आजम बोले कि सब हमले मेरे ऊपर ही हो रहे हैं, मैं सबके निशाने पर हूं, इसलिए मुझे हर सवाल का जवाब देना हो रहा है।