आजादी के अमृत महोत्सव पर और अधिक बल देने के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों की घोषणा की है। केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सप्ताह भर (30 अगस्त से पांच सितंबर तक) चलने वाले इन कार्यक्रमों और अभियानों का लक्ष्य देश के कोने-कोने तक पहुंचना है। इसमें बच्चों से बुर्जुगों तक और किसानों से कॉरपोरेट तक सभी शामिल हैं।
आयुष मंत्रालय के कार्यक्रमों में 31 अगस्त को किसानों के हित लिए 75,000 हेक्टेयर भूमि पर औषधीय पौधों की खेती और एक सितंबर को वाई-ब्रेक एप का शुभारंभ है, जिसमें कार्यालय जाने वालों के लिए पांच मिनट का योग प्रोटोकॉल शामिल है। दो सितंबर को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाइयों का वितरण होगा, इसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
तीन सितंबर को 'आयुष आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत एक साल में 75 लाख परिवारों तक औषधीय पौधों को पहुंचाने का कार्यक्रम होगा। वहीं, चार सितंबर को स्कूल और कॉलेज के छात्रों को आयुष पद्धतियों को लेकर जागरूक किया जाएगा और आईईसी सामग्री का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा पांच सितंबर को वाई-ब्रेक एप पर एक वेबिनार का आयोजन किया जाना भी शामिल है।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि आयुष मंत्रालय ने देश की जनता को आयुष पद्धतियों का लाभ देने का प्रयास किया है। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य सरकारें भी इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेंगी और आयुष मंत्रालय के प्रयासों को सफल बनाने में सहयोग करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से देश ही नहीं बल्कि विश्व को भी स्वस्थ रहने का मंत्र दिया जा सकता है।
सोनोवाल ने कहा कि इसके लिए आयुष पद्धतियों को हर घर तक पहुंचाने की जरूरत है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आयुष पद्धतियों के लाभों से जुड़ी जानकारियां लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। केंद्रीय आयुष मंत्री ने कहा कि 75,000 हेक्टेयर भूमि में औषधीय पौधों की खेती की शुरुआत से दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और यह किसानों की आय का एक बड़ा स्रोत होगा।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के माध्यम से चलाया जाएगा, जिसमें सभी राज्य औषधीय पादप बोर्ड शामिल होंगे। इस अभियान से देश के किसानों को बड़े पैमाने पर लाभ होगा। उन्होंने कहा कि वाई-ब्रेक एप्लीकेशन की लॉन्चिंग आयुष मंत्रालय के सबसे अहम कार्यक्रमों में से एक है, जिसे विज्ञान भवन से लॉन्च किया जाएगा। इस योग प्रोटोकॉल में आसन, प्राणायाम और ध्यान शामिल हैं।
इस एप्लीकेशन के माध्यम से सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर योग, ध्यान के जरिए तनाव कम कर सकेंगे और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा पाएंगे। सोनोवाल ने कहा कि वाई-ब्रेक मोबाइल एप को एमडीएनआईवाई (मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान) ने विकसित किया है। इस एप की मदद से केवल पांच मिनट में कहीं भी योगासन और ध्यान किया जा सकता है।
सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के काल में लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए आयुष दवाइयों का वितरण किया जाएगा, जिसमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। आयुष मंत्रालय ने समय-समय पर कोविड-19 को लेकर गाइडलाइन और प्रोटोकॉल जारी किए हैं, अब आहार और जीवनशैली को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 'आयुष आपके द्वार' कार्यक्रम के तहत, किचन गार्डन में औषधीय पौधों को उगाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन पौधों के माध्यम से परिवार घर पर ही रहकर सामान्य रोगों का उपचार करने में सक्षम बनेंगे। इससे औषधीय पौधों को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को स्वस्थ रहने में सहायता मिलेगी।
सोनोवाल ने कहा कि देश के छात्रों को आयुष मंत्रालय के प्रयासों से अवगत कराया जाएगा। युवाओं को आयुष चिकित्सा पद्धतियों से जोड़ने के लिए अभियान चलेगा, जिसमें उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों व कॉलेज के छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।इसके जरिए युवाओं को आयुष पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के लिए व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे और उन्हें आईईसी सामग्री भी दी जाएगी।